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विद्युत बल्ब में निष्क्रिय गैस क्यों भरी जाती है

इस लेख में हम, विद्युत बल्ब में निष्क्रिय गैस क्यों भरी जाती है यह जानेंगे। तापदीप्त लैंप को बोलचाल की भाषा में बल्ब कहा जाता है। यह तापदीप्त द्वारा प्रकाश उत्पन्न करता है। ताप के कारण प्रकाश के उत्सर्जन को तापदीप्त कहा जाता है। इसमें एक पतला तंतु (तार) होता है जिससे जब धारा प्रवाहित होती है तो यह गर्म होकर प्रकाश देने लगती है।

विद्युत बल्ब में निष्क्रिय गैस क्यों भरी जाती है

विद्युत बल्ब में निष्क्रिय गैस क्यों भरी जाती है

बिजली के बल्ब का फिलामेंट टंगस्टन का बना होता है, जो उच्च तापमान पर प्रकाश उत्सर्जित करता है। यदि फिलामेंट इस स्थिति में हवा के संपर्क में आता है, तो यह भंगुर हो जाएगा और हवा के ऑक्सीजन द्वारा ऑक्सीकृत होने के बाद टूट जाएगा। इसलिए बल्ब के भीतर की हवा को निकालकर निष्क्रिय गैस भरी जाती है।

आपको पता ही होगा की थॉमस अल्वा एडिसन ने विद्युत बल्ब का आविष्कारक किया था। वह आविष्कारक के साथ व्यवसायी भी थे। उन्होंने बिजली उत्पादन, जन संचार, ध्वनि रिकॉर्डिंग और चलचित्र जैसे क्षेत्रों में कई उपकरण विकसित किए। इन आविष्कारों, जिनमें फोनोग्राफ, मोशन पिक्चर कैमरा और इलेक्ट्रिक लाइट बल्ब के शुरुआती संस्करण शामिल हैं, उनका आधुनिक औद्योगिक दुनिया पर व्यापक प्रभाव पड़ा है।

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