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यूनिफॉर्म सिविल कोड क्या है

भारत में अधिकतर निजी कानून धर्म के आधार पर तय किए गए हैं। हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध के अंतर्गत आते हैं, जबकि मुस्लिम और ईसाई के लिए अपने कानून हैं। मुस्लिमों का कानून शरीअत पर आधारित है; अन्य धार्मिक समुदायों के कानून भारतीय संसद के संविधान पर आधारित हैं। भारत में Uniform Civil Code का विषय हमेशा विवाद का हिस्सा बना रहा है। इस लेख में हम यूनिफॉर्म सिविल कोड क्या है जानेंगे।

यूनिफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code) क्या है

यूनिफॉर्म सिविल कोड क्या है

यूनिफॉर्म सिविल कोड का अर्थ एक सेक्युलर कानून होता है जो सभी पंथ के लोगों के लिये समान रूप से लागू होता है। दूसरे शब्दों में, अलग-अलग पंथों के लिये अलग-अलग सिविल कानून न होना ही ‘समान नागरिक संहिता’ का मूल भावना है। समान नागरिक कानून से अभिप्राय कानूनों के वैसे समूह से है जो देश के समस्त नागरिकों पर लागू होता है। यह किसी भी पंथ जाति के सभी निजी कानूनों से ऊपर होता है। Uniform Civil Code को हिन्दी में समान नागरिक संहिता कहा जाता है।

यूनिफॉर्म सिविल कोड के अंतर्गत आने वाले मुख्य विषय इस प्रकार है:

  1. व्यक्तिगत स्तर
  2. संपत्ति के अधिग्रहण और संचालन का अधिकार
  3. विवाह, तलाक और गोद लेना

भारत का संविधान, देश के नीति निर्देशक तत्व में सभी नागरिकों को समान नागरिकता कानून सुनिश्चित करने के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करता है। हालाँकि इस तरह का कानून अभी तक पूरी तरह से लागू नहीं किया जा सका है। गोवा एक मात्र ऐसा राज्य है जहाँ यह लागू है।

भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ४२वें संशोधन के माध्यम से ‘धर्मनिरपेक्षता’ शब्द को प्रविष्ट किया गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारतीय संविधान का उद्देश्य भारत के समस्त नागरिकों के साथ धार्मिक आधार पर किसी भी भेदभाव को समाप्त करना है, लेकिन वर्तमान समय तक यूनिफॉर्म सिविल कोड के लागू न हो पाने के कारण भारत में एक बड़ा वर्ग अभी भी धार्मिक कानूनों की वजह से अपने अधिकारों से वंचित है।

मूल अधिकारों में ‘विधि के शासन’ की अवधारणा विद्यमान है, जिसके अनुसार, सभी नागरिकों हेतु एक समान विधि होनी चाहिये। लेकिन स्वतंत्रता के इतने वर्षों के बाद भी जनसंख्या का एक बड़ा वर्ग अपने मूलभूत अधिकारों के लिये संघर्ष कर रहा है। इस प्रकार समान नागरिक संहिता का लागू न होना एक प्रकार से विधि के शासन और संविधान की प्रस्तावना का उल्लंघन है।

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