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Train का आविष्कार किसने किया था और कब हुआ? जानिये पूरा इतिहास

क्या आप जानते है, रेल या Train का आविष्कार किसने किया था और कब हुआ? अगर नहीं, तो हम इस प्रश्न का जवाब विस्तार से देने की कोशिस करेंगे, इसके साथ ट्रेन का भारत मे किस तरह पदार्पण हुआ इसकी भी छोटी झलक हमने आपके लिए तयार की है. हम सभी जानते है की दुनिया मे सबसे बड़ा ट्रांसपोर्ट का साधन ट्रेन है, इससे दुनिया मे करोड़ों लोग रोज सफर करते है. इसके साथ माल वाहतूक का सबसे बड़ा जरिया ट्रेन को ही माना जाता है. भारतीय रेलवे का नेटवर्क विश्व में द्वितीय तथा एशिया में पहले स्थान पर आता है.

Train का आविष्कार किसने किया था

जबसे ट्रेन ने दुनिया मे दस्तक दी है तबसे मानवी विकास प्रभावी तौर पर आधुनिक होता जा रहा है. भारत मे लाखों-करोड़ों लोग ट्रेन से रोजाना सफर करते है. इनमे स्टूडेंट, यात्री, ऑफिस वर्कर, महिला, बच्चे, बूढ़े आदि सभी तरह के लोग ट्रेन का ट्रांसपोर्ट के तौर पर उपयोग करते है. वर्तमान मे दुनिया की करीब 90 फीसदी आबादी ट्रेन से सफर करती है. ट्रेन ने लोगों की जिंदगी में क्रांतिकारी विकास के अवसर पैदा किए है. ऐसे में सबके मन में सवाल उठना लाजिमी है कि इसकी परिकल्पना आखिर कैसे की गई. आज हम इसी बात को बताने जा रहे है…

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Train का आविष्कार किसने किया था

1604 में इंग्लैण्ड के वोलाटॅन में लकड़ी से बनायी गई पटरियों पर काठ के डब्बों जैसी ट्रेन को घोड़ों ने खींचा था. उस वक्त पूरी दुनिया मे ऐसे वाहनों की जरूरत महसूस की जा रही थी जो माल को एक जगह से दूसरी जगह तेजी के साथ ले जा सके. इसीलिए जॉर्ज स्टीफेंसन ने 1814 में भाप का इंजन बनाया, जो भारी वस्तुओं को खींचने में भी सक्षम था. पर ये ट्रेन नहीं खींच सकता था. इसके दो शताब्दी बाद आधिकारिक रूप से इंजीनियर रिचर्ड ट्रवेथिक ने फरवरी 1824 को पहली बार भाप के इंजन को चलाने में सफलता मिली.

Train का आविष्कार किसने किया था

Train की जानकारी एवं इतिहास

पहली ट्रेन लंदन के डार्लिंगटन से स्टॉकटोन के बीच 600 यात्री और 38 डिब्बों के साथ 27 सितंबर 1825 को भाप इंजन की सहायता से खींची गई. यह शानदार 37 मिल का सफर 14 मिल प्रति घंटे की रफ्तार से चल पड़ा था. इस अप्रतिम घटना के बाद से अनेक देशों मे रेल बनाने का काम शुरू हो चुका था.

Train की जानकारी एवं इतिहास

भारतीय रेलवे की कहानी की शुरुवात अमेरिका के कपास की फसल बर्बाद होने से हुई. 1840 के दशक मे अमेरिका की कपास फसल को काफी नुकसान पहुंचा था. इसके कारण ब्रिटेन के मैनचेस्टर और ग्लासगो के कपड़ा कारोबारियों को कोई बेहतर विकल्प चाहिए था, और इसके लिए अंग्रेजों को भारत एक बेहतर विकल्प दिख रहा था. जहा 1843 से ही लार्ड डलहौजी ट्रेनों के लिए संभावनावो की तलाश करना शुरू कर दिया और इसी लिए आगे 1845 में कलकत्ता में ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेल कंपनी बनायी. फिर 1850 मे मुंबई से ठाणे तक रेल लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया. आधिकारिक रूप से 16 अप्रैल 1853 को मुम्बई और ठाणे के बीच जब पहली रेल चली जो दोपहर 3.30 बजे बोरीबंदर (छत्रपति शिवाजी टर्मिनस) से प्रारंभ हुई.

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रेल का इतिहास

इस 20 डिब्बों की गाड़ी मे 400 लोग सवार थे. सुल्तान, सिंधु और साहिब यह तीन ब्रिटेन से मँगवाए गए भाप इंजन थे जिनकी मदद से मुंबई से ठाणे 34 किलोमीटर का सफर सवा घंटे में तय किया और ट्रेन सायं 4.45 बजे ठाणे पहुंची. 1856 के बाद हमारे भारत ही भांप के इंजन बननां शुरू हो गए और इसके साथ रेल की पटरिया भी बिछना शुरू हो चुका था, जो अंग्रेजों के जरूरत के हिसाब से हर साल बढ़ते जाते थे. पहिली दिल्ली से हावड़ा के बीच 1 मार्च 1969 को देश की सुपरफास्ट ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस को चलाया गया था.

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हम उम्मीद करते है की आपको Train का आविष्कार किसने किया था और कब हुआ? का जवाब मिल गया होगा. दरसल, अंग्रेजों ने अपने स्वार्थ एवं व्यापार को देखते हुए भारत मे रेल का नेटवर्क स्थापित किया था. लेकिन 160 वर्ष बाद 65 हजार किलोमीटर रेलमार्ग और प्रतिदिन चलने वाली 11 हजार से ज्यादा ट्रेनों के साथ 7 हजार से अधिक स्टेशनों तक फैला हुआ आशिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है.

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