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स्वतंत्र प्रभार क्या होता है | मंत्री, राज्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री

भारत के केंद्रीय और राज्य मंत्रिमंडल में तीन प्रकार के मंत्री होते हैं। इनमें कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री शामिल हैं। इनमें सत्ता के आधार पर कैबिनेट मंत्री पहले आते हैं। वही, दूसरे नंबर पर स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री, तीसरे क्रम में राज्य मंत्री आते है। इस लेख में हम स्वतंत्र प्रभार क्या होता है और कैबिनेट मंत्रीराज्य मंत्री क्या होता है जानेंगे।

स्वतंत्र प्रभार क्या होता है

स्वतंत्र प्रभार क्या होता है

स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री सरकार में दूसरे नंबर के मंत्री होते हैं। उन्हें कनिष्ठ या कनिष्ठ मंत्री कहा जाता है, उनके मंत्रालय में कोई कैबिनेट मंत्री नहीं है। वे सीधे प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करते हैं। स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों की आवंटित मंत्रालय और विभाग की पूरी जवाबदेही होती है। स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री विशेष अवसरों पर ही कैबिनेट की बैठकों में भाग लेते हैं।

कैबिनेट मंत्री

कैबिनेट मंत्री किसी भी सरकार में प्रमुख होते हैं, उनके पास मंत्रालय का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी होती है। उन्हें एक से अधिक मंत्रालयों की जिम्मेदारी दी जाती है। ये मंत्री हर हफ्ते कैबिनेट बैठक में भाग लेते हैं और कैबिनेट बैठक में सरकार के सभी फैसलों, अध्यादेशों, नए कानूनों, कानून संशोधनों को तय करते हैं।

राज्य मंत्री

राज्य मंत्री कैबिनेट मंत्री का सहायक मंत्री होता है। वह केवल कैबिनेट मंत्री को रिपोर्ट करता है। एक कैबिनेट मंत्री के साथ एक या एक से अधिक राज्य मंत्री हो सकते हैं। जिसके बीच मंत्रालय के आंतरिक विभाग बंटे हुए हैं। ताकि वह कैबिनेट मंत्री को मंत्रालय चलाने में मदद कर सकें।

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