Menu Close

श्रीलंका कब स्वतंत्र राष्ट्र बना

श्रीलंका दक्षिण एशिया में हिंद महासागर के उत्तरी भाग में स्थित एक द्वीप देश है। भारत के दक्षिण में स्थित इस देश की दूरी भारत से मात्र 31 किलोमीटर है। 1972 तक, इसका नाम सीलोन था, जिसे 1972 में बदलकर लंका और 1978 में “श्री” शब्द के साथ श्रीलंका में बदल दिया गया था। श्रीलंका का सबसे बड़ा शहर कोलंबो एक महत्वपूर्ण बंदरगाह है। दुमिया भर में श्रीलंका और भारत के बीच का श्री रामसेतु लोकप्रिय है। इस लेख में हम, श्रीलंका कब स्वतंत्र राष्ट्र बना इसे जानेंगे।

श्रीलंका कब स्वतंत्र राष्ट्र बना

श्रीलंका कब स्वतंत्र राष्ट्र बना

श्रीलंका यह देश 4 फरवरी 1948 को स्वतंत्र राष्ट्र बना। श्रीलंका का स्वतंत्रता संग्राम ब्रिटिश साम्राज्य से स्वतंत्रता और स्वशासन की स्थापना के लिए लड़ा गया था। यह एक शांतिपूर्ण राजनीतिक आंदोलन था। यह आंदोलन बीसवीं सदी के शुरुआती दिनों में शुरू हुआ था। इसका नेतृत्व शिक्षित मध्यम वर्ग ने किया और अंततः 4 फरवरी 1948 को श्रीलंका को स्वतंत्रता मिली थी। 22 मई 1972 को श्रीलंका एक गणतंत्र बन गया।
श्रीलंका का स्वतंत्रता दिवस, जिसे राष्ट्रीय दिवस के रूप में भी जाना जाता है, हर साल 4 फरवरी को मनाया जाता है। यह 1948 में ब्रिटिश शासन से देश की राजनीतिक स्वतंत्रता के उपलक्ष्य में 4 फरवरी को प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला एक श्रीलंकाई राष्ट्रीय छुट्टी है। यह पूरे देश में ध्वजारोहण समारोह, नृत्य, परेड और प्रदर्शन के माध्यम से मनाया जाता है। आमतौर पर, मुख्य उत्सव कोलंबो में होता है, जहां राष्ट्रपति राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं और राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित भाषण देते हैं।

श्रीलंका का पिछले 5000 वर्षों का लिखित इतिहास उपलब्ध है। यहां 125,000 साल पहले मानव बस्तियों के साक्ष्य मिले हैं। यहीं से चतुर्थ बौद्ध संगीति के दौरान रचित बौद्ध ग्रंथ 29 ईसा पूर्व में प्राप्त हुए हैं। श्रीलंका पर प्राचीन काल से शाही सिंहल वंश का शासन रहा है। समय-समय पर दक्षिण भारतीय राजवंशों ने भी इस पर आक्रमण किया है। बौद्ध धर्म तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में आया जब मौर्य सम्राट अशोक के पुत्र महेंद्र यहां आए।

इस लेख में हमने, श्रीलंका कब स्वतंत्र राष्ट्र बना इसे जाना। बाकी ज्ञानवर्धक जानकारी केलिए नीचे दिए गए लेख पढ़े:

Related Posts