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सोवियत प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं

रूस में 1917 की समाजवादी क्रांति के बाद समाजवादी सोवियत गणराज्य का गठन हुआ, जिसका उद्देश्य एक समतावादी समाज की स्थापना करना था। इस समाज में पूंजीवाद और निजी संपत्ति को समाप्त कर समानता के आधार पर एक नए समाज का निर्माण करना था। इस प्रणाली को सोवियत प्रणाली कहा जाता था। इस लेख में हम सोवियत प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं क्या थी जानेंगे।

सोवियत प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं

सोवियत प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं

1. वितरण प्रणाली

वितरण व्यवस्था भी सरकार के हाथ में थी जहाँ नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाएँ, शिक्षा और जनकल्याण की वस्तुएँ जैसी मूलभूत आवश्यकताएँ भी समानता के सिद्धांत के आधार पर उपलब्ध कराई जाती थीं। सोवियत संघ का घरेलू उपभोक्ता उद्योग भी बहुत उन्नत था। सोवियत संघ में कोई बेरोजगारी नहीं थी।

2. राज्य और पार्टी की संस्था को प्राथमिकता

सोवियत प्रणाली के निर्माताओं ने राज्य और ‘पार्टी’ संस्था को प्राथमिकता और महत्व दिया। सोवियत अर्थव्यवस्था राज्य द्वारा नियोजित और नियंत्रित की गई थी।

3. अर्थव्यवस्था और संसाधन

सोवियत संघ की अर्थव्यवस्था दुनिया की तुलना में कहीं अधिक उन्नत थी। विशाल ऊर्जा संसाधन खनिज तेल, लोहा और इस्पात आदि थे।

4. कम्युनिस्ट पार्टी नियंत्रण

सोवियत राजनीतिक व्यवस्था की धुरी कम्युनिस्ट पार्टी थी। इस पार्टी का सभी संस्थाओं पर गहरा नियंत्रण था। सोवियत आर्थिक प्रणाली की योजना बनाई गई थी और राज्य के नियंत्रण में थी।

5. संपत्ति का राज्य स्वामित्व

सोवियत संघ में, संपत्ति का स्वामित्व और नियंत्रण राज्य के पास था। सोवियत संघ के पास विशाल ऊर्जा संसाधन थे जिनमें खनिज तेल, लोहा, उर्वरक, इस्पात और मशीनरी आदि शामिल थे।

6. उन्नत संचार प्रणाली

सोवियत संघ की संचार प्रणाली बहुत उन्नत थी। परिवहन की सुव्यवस्थित और विशाल व्यवस्था के कारण इसके दूरस्थ क्षेत्र भी एक दूसरे से जुड़े हुए थे।

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