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Satellite Phone क्या होता है | सैटेलाइट फोन कैसे काम करता है

आज पूरी दुनिया में मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया जा रहा है, इनकी बदौलत आप दुनिया भर में किसी को भी कॉल कर सकते हैं। आपको बता दें कि कॉलिंग के लिए बड़े आकार के मोबाइल टावर लगाए गए हैं, जिनकी मदद से कॉलिंग संभव है। हालांकि, दूरदराज के इलाकों में जहां मोबाइल टावर नहीं लगे हैं, वहां मोबाइल सिग्नल की समस्या है जिसके कारण कॉलिंग और इंटरनेट सेवा उपलब्ध नहीं है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मार्केट में एक ऐसा फोन है, जिसका सिग्नल कभी नहीं जाता। दरअसल हम बात कर रहे हैं सैटेलाइट फोन की जिसके बारे में आपने सुना होगा लेकिन इस्तेमाल नहीं किया होगा। इस लेख में हम, Satellite Phone क्या होता है और सैटेलाइट फोन कैसे काम करता है जानेंगे।

Satellite Phone क्या होता है

Satellite Phone क्या होता है

Satellite Phone एक प्रकार का मोबाइल फोन होता है, जो सेल टावरों के स्थान पर पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले सैटेलाइट द्वारा सिग्नल प्राप्त करता है। भारत में आम लोगों के लिए सैटेलाइट फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। हालांकि, भारत में केवल चुनिंदा लोगों को ही सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल करने की अनुमति है। इसके इस्तेमाल की इजाजत सिर्फ डिफेंस, आर्मी, बीएसएफ, आपदा प्रबंधन और सरकार द्वारा अनुमति प्राप्त चुनिंदा व्यक्ति या संस्थाओं को है।

सैटेलाइट फोन कैसे काम करता है

भारत समेत दुनिया भर में दशकों से सैटेलाइट फोन का इस्तेमाल हो रहा है। वे ऐसी जगह काम कर सकते हैं जहां सिग्नल की स्ट्रेंथ कम हो या सिग्नल न हो। अपने नाम की तरह ही यह फोन सैटेलाइट की मदद से काम करता है। इसकी ऑडियो क्वालिटी बेहतर है। हालांकि, सभी को इसका उपयोग करने की अनुमति नहीं है।

सैटेलाइट फोन कैसे काम करता है

आमतौर पर हमारे पास जो मोबाइल फोन होता है, हम उसके चारों ओर लगे टावरों के कारण उसका उपयोग कर पाते हैं। जब हम दूसरे इलाके में जाते हैं तो वह मोबाइल फोन वहां के टावर से सिग्नल लेता है। पहाड़ों या ऐसी जगहों पर जहां मोबाइल टावर कम है या नहीं, सिग्नल की समस्या होती है और आप मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। Satellite Phone के साथ यह समस्या नहीं है। क्योंकि ये फोन जमीन पर लगे टावर से सिग्नल नहीं लेते हैं। ऐसे फोन को अंतरिक्ष में भेजे गए सैटेलाइट से सिग्नल मिलता है।

सैटेलाइट, पृथ्वी की कक्षा में चक्कर लगा रहे हैं। वे ग्राउंडेड रिसीवर्स को रेडियो सिग्नल भेजते हैं। रिसीवर केंद्र उपग्रह फोन को संकेत भेजता है, जिसके बाद कॉलिंग करना संभव होता है। इसे आम बोलचाल में ‘SAT phone’ भी कहा जाता है। पहले सैटेलाइट फोन में केवल कॉलिंग और मैसेजिंग की सुविधा थी। लेकिन अब नए Satellite Phone भी इंटरनेट की सुविधा के साथ आ रहे हैं।

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