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संयुक्त राष्ट्र में देश के किस विदेश मंत्री ने पहली बार हिंदी में संबोधन दिया?

संयुक्त राष्ट्र एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है। संयुक्त राष्ट्र की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को 50 देशों द्वारा संयुक्त राष्ट्र अधिकारपत्र पर हस्ताक्षर के साथ हुई थी। इस लेख में हम, संयुक्त राष्ट्र में देश के किस विदेश मंत्री ने पहली बार हिंदी में संबोधन दिया? इसे जानेंगे।

संयुक्त राष्ट्र में देश के किस विदेश मंत्री ने पहली बार हिंदी में संबोधन दिया

संयुक्त राष्ट्र में देश के किस विदेश मंत्री ने पहली बार हिंदी में संबोधन दिया

संयुक्त राष्ट्र में हमारे देश के विदेश मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पहली बार हिंदी में संबोधन दिया। 1977 में संयुक्त राष्ट्र महासभा का 32वां अधिवेशन हुआ। यहां इतिहास बनने वाला था। मोरारजी देसाई की जनता पार्टी की सरकार सत्ता में थी और वाजपेयी विदेश मंत्री थे। संयुक्त राष्ट्र महासभा में यह उनका पहला संबोधन था और उन्होंने हिंदी में बोलने का फैसला किया। संयुक्त राष्ट्र संघ में पहली बार हिन्दी गूंजी।

संयुक्त राष्ट्र में बोलते हुए, उन्होंने स्वीकार किया कि ‘वह संयुक्त राष्ट्र में नए थे’ और ‘उन्हें इस बात की विशेष खुशी है कि वे पहली बार राष्ट्रों के इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।’ एक समय था जब दुनिया दो भागों में बंटी हुई थी और भारत की भूमिका नगण्य थी। भारत में कांग्रेस सरकार को बदलकर जनता पार्टी की सरकार आई, लेकिन विदेश नीति में अभी भी निरंतरता थी।

वह भारत के पहले गैर-कांग्रेसी विदेश मंत्री थे, लेकिन उनका भाषण उस समय के मुख्य मुद्दों पर केंद्रित था। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में नस्लवाद, जिम्बाब्वे में चल रहे उपनिवेशवाद, साइप्रस में लड़ाई, नामीबिया में अस्थिर स्थिति और व्यापक परीक्षण प्रतिबंध समझौते तक पहुंचने में विफलता पर चिंता व्यक्त की।

भारत में लगाए गए आपातकाल और लोकतंत्र के उल्लंघन पर उन्होंने कहा, ‘जनता सरकार को शासन की बागडोर संभाले केवल 6 महीने हुए हैं, फिर भी इतने कम समय में हमारी उपलब्धियां उल्लेखनीय हैं। भारत में मौलिक मानवाधिकारों को फिर से स्थापित किया गया है। हमारे लोगों को घेरने वाला भय और आतंक का माहौल अब दूर हो गया है।

इस तरह के संवैधानिक कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे हैं कि लोकतंत्र और बुनियादी स्वतंत्रता का फिर कभी उल्लंघन न हो। उन्होंने कहा कि ‘भारत के लोग शांतिपूर्ण और वैध तरीके से एक सामाजिक-आर्थिक क्रांति लाना चाहते हैं जो समाजवादी आदर्शों पर आधारित और पूरी तरह से नैतिक और आध्यात्मिक विचारों पर आधारित लोकतांत्रिक तरीके से प्रकाशित हो।

इस लेख में हमने, संयुक्त राष्ट्र में देश के किस विदेश मंत्री ने पहली बार हिंदी में संबोधन दिया इसे जाना। बाकी ज्ञानवर्धक जानकारी के लिए नीचे दिए गए लेख पढ़े:

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