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संशोधन क्या होता है? जानिये आसान भाषा में

अध्ययन से आरंभ होने के बाद शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करते हुए शिक्षा या किसी के अकादमिक विषय में कुछ जोड़ने की प्रक्रिया को शोध कहते हैं। पीएच.डी./डी.फिल या डी.लिट/डीएस-सी। इस उपलब्धि के लिए इस तरह की शोध डिग्रियां दी जाती हैं। इनमें विद्वान से अपेक्षा की जाती है कि वह अपने शोध से कुछ नए तथ्य या ज्ञान के आयामों को प्रकट करे। इस लेख में हम, संशोधन क्या होता है इसे जानेंगे।

संशोधन क्या होता है

‘संशोधन’ शब्द अंग्रेजी के ‘रिसर्च’ शब्द का पर्याय है लेकिन इसका मतलब ‘रीडिस्कवरी’ नहीं बल्कि ‘डीप सर्च’ है। इसके माध्यम से हम कुछ नया आविष्कार करते हैं और उस ज्ञान परंपरा में कुछ नए अध्याय जोड़ते हैं।

संशोधन क्या होता है?

संशोधन का व्यापक अर्थ किसी भी क्षेत्र में ‘ज्ञान की खोज’ या ‘विधिवत शोध’ है। वैज्ञानिक शोध में वैज्ञानिक पद्धति का उपयोग करके जिज्ञासा को हल करने का प्रयास किया जाता है। नई चीजों की खोज और पुरानी चीजों और सिद्धांतों की पुन: परीक्षा, ताकि नए तथ्य प्राप्त किए जा सकें, शोध कहलाता है।

संशोधन उस प्रक्रिया या कार्य का नाम है जिसमें तथ्यों को एकत्रित करके और सूक्ष्म और आलोचनात्मक बुद्धि से उनका अवलोकन और विश्लेषण करके सचेत प्रयास से नए तथ्य या सिद्धांत खोले जाते हैं। संशोधन करने के लिए सबसे पहले किसी समस्या या प्रश्न की आवश्यकता होती है। हमारे सामने कोई समस्या या प्रश्न है जिसके लिए हम शोध की दिशा में आगे बढ़ते हैं। इसके लिए शोधार्थी में जिज्ञासा की प्रवृत्ति का होना आवश्यक है।

किसी शोध समस्या को हल करने या जिज्ञासा को संतुष्ट करने के लिए किसी विशेष ज्ञान क्षेत्र में किया गया कार्य उस विशेष ज्ञान क्षेत्र का विस्तार करता है। इसके साथ ही अनुसंधान से नए अकादमिक विषय उभर कर सामने आते हैं जो उनके विषय क्षेत्र की विशेषज्ञता का प्रतिनिधित्व करते हैं।

इस लेख में हमने, संशोधन क्या होता है? इसे जाना। बाकी ज्ञानवर्धक जानकारी केलिए नीचे दिए गए लेख पढ़े:

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