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समावयवता क्या है

इस लेख में आप, समावयवता क्या है यह जानेंगे। समावयवता मुख्यतः दो प्रकार की होती है: एक को संरचनात्मक समावयवता और दूसरे को त्रिविम समावयवता कहा जाता है।

समावयवता क्या है

समावयवता क्या है

जब रासायनिक यौगिकों का बारीकी से अध्ययन किया जाता है, तो यह देखा जाता है कि यौगिकों के गुण उनके संगठन पर निर्भर करते हैं। जिन यौगिकों के गुण समान होते हैं उनका संगठन भी समान होता है और जिनके गुण भिन्न होते हैं उनके भी भिन्न-भिन्न संगठन होते हैं। बाद में यह पाया गया कि कुछ यौगिक ऐसे होते हैं जिनका संगठन, आणविक भार और आणविक-घटक समान होते हैं, लेकिन उनके गुण भिन्न होते हैं। ऐसी विशेषताओं वाले यौगिकों को समावयवी कहा जाता था, और इस गुण को समावयवता (= सम + अवयवता / isomerism) नाम दिया गया था।

उदाहरण C3H4

हाइड्रोकार्बन C3H4 में तीन समावयवी होते हैं। हम नीचे देखेंगे कि यह ‘संरचनात्मक समरूपता’ का एक उदाहरण है।

Allene.pngPropyne-2D-flat.pngCyclopropene.png
I प्रोपेडाइ-ईन (Propadiene)II प्रोपीन (Propyne)III साइक्लोप्र्रोपीन (Cyclopropene)

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