मेन्यू बंद करे

पुस्तकालय का महत्व | Importance of Library in Hindi

किसी भी समाज या राष्ट्र के उत्थान में पुस्तकालयों का अपना विशेष महत्व होता है। इनके माध्यम से गरीब छात्र भी महंगी किताबों में निहित ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। पुस्तकालय में एक ही विषय पर अनेक लेखकों एवं प्रकाशकों की पुस्तकें उपलब्ध हैं जो संदर्भ पुस्तकों के रूप में सभी के लिए उपयोगी हैं। इस लेख में हम पुस्तकालय का महत्व (Importance of Library in Hindi) क्या है जानेंगे।

पुस्तकालय का महत्व

पुस्तकालय का महत्व

किताबें इंसान की सबसे अच्छी और सबसे भरोसेमंद दोस्त होती हैं। उनमें वह शक्ति है जो मनुष्य को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाती है और कठिन से कठिन समस्याओं को हल करने की शक्ति देती है। किताबों से लगाव रखने वाला व्यक्ति कभी अकेला और कमजोर महसूस नहीं कर सकता।

पुस्तकें मनुष्य के आत्मबल का सर्वोत्तम साधन हैं। वर्तमान में मुद्रण कला में अभूतपूर्व विकास हुआ है। आधुनिक मशीनों के आविष्कार से पुस्तकों की कीमतों में काफी कमी आई है और साथ ही उनकी गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। प्राचीन काल की तुलना में आज पुस्तकें आसानी से मिल जाती हैं, लेकिन सभी वांछित पुस्तकों को खरीदना और एकत्र करना आम आदमी के लिए एक कठिन कार्य है। इन परिस्थितियों में पुस्तकालय का योगदान अत्यधिक बढ़ जाता है।

पुस्तकालय (पुस्तक + आलय) महत्व का अर्थ है वह स्थान जहाँ पुस्तकें रखी जाती हैं। आमतौर पर सरकार और सामाजिक संगठनों द्वारा खोले गए पुस्तकालयों में व्यक्ति बिना किसी भेदभाव के और पुस्तकालयों के नियमों के तहत पुस्तकों का लाभ उठा सकते हैं। इस तरह के पुस्तकालय देश के लगभग सभी बड़े और छोटे शहरों में उपलब्ध हैं।

कुछ शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में चलते-फिरते पुस्तकालय की भी व्यवस्था है, ताकि लोग साप्ताहिक आधार पर उपरोक्त सुविधा का लाभ उठा सकें। सभी प्रमुख विद्यालयों में पुस्तकालय उपलब्ध हैं, जिसमें संबंधित विद्यार्थी एवं शिक्षक एकत्रित पुस्तकों का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा कई लोग निजी पुस्तकालय भी रखते हैं जिसमें उनके महत्व और रुचि की पुस्तकें संग्रहीत की जाती हैं।

कुछ प्रमुख पुस्तकालयों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी या अन्य विषयों की कई ऐसी दुर्लभ पुस्तकें उपलब्ध हैं जिन्हें आसानी से प्राप्त नहीं किया जा सकता है। इसलिए, हम पाते हैं कि पुस्तकालय ज्ञान का एक प्रमुख स्रोत है, जहाँ महान व्याख्यानों और महान लेखकों की कहानियों से भरी पुस्तकें प्राप्त की जा सकती हैं।

इसके अलावा समाज के सभी वर्गों – शिक्षक, छात्र, वकील, डॉक्टर आदि के लिए एक ही स्थान पर किताबें उपलब्ध हैं, जो संपर्क बढ़ाने जैसी हमारी सामाजिक भावना को पूरा करने में भी मदद करती हैं।

पुस्तकालयों में मनोरंजक पुस्तकें भी उपलब्ध हैं। पुस्तकालयों का महत्व इस दृष्टि से और भी अधिक बढ़ जाता है कि पुस्तकें मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञान के संवर्धन में भी उपयोगी हैं। तुलसी, शेक्सपियर, प्रेमचंद जैसे महान लेखकों, कवियों और अरस्तू, सुकरात जैसे महान दार्शनिकों और चाणक्य, मार्क्स जैसे महान राजनेताओं के लेखन पुस्तकालयों में उपलब्ध हैं।

इन लेखन में निहित ज्ञान और अनुभवों को आत्मसात करके छात्र सफलता के नए आयाम स्थापित कर सकता है। इसलिए पुस्तकालय हमारे राष्ट्र के विकास की अनूठी विरासत हैं। उनके विकास और विस्तार के लिए सरकार के साथ-साथ हम सभी नागरिकों का नैतिक कर्तव्य भी है, जिसके लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।

यह भी पढ़ें-

Related Posts