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प्रति व्यक्ति आय किसे कहते हैं? जानिये सरल भाषा में

प्रति व्यक्ति आय का उपयोग अक्सर किसी क्षेत्र की औसत आय को मापने और विभिन्न आबादी की संपत्ति की तुलना करने के लिए किया जाता है। प्रति व्यक्ति आय का उपयोग अक्सर देश के जीवन स्तर को मापने के लिए भी किया जाता है। इस लेख में आप, प्रति व्यक्ति आय किसे कहते हैं यह जानेंगे।

प्रति व्यक्ति आय किसे कहते हैं

प्रति व्यक्ति आय किसे कहते हैं

प्रति व्यक्ति आय किसी देश, राज्य, शहर या अन्य क्षेत्र में रहने वाले व्यक्तियों की औसत आय है। इसका अनुमान उस क्षेत्र में रहने वाले सभी लोगों की आय के योग को क्षेत्र की कुल जनसंख्या से विभाजित करके लगाया जाता है। प्रति व्यक्ति आय विभिन्न देशों के जीवन स्तर का एक महत्वपूर्ण सूचकांक है। यह मानव विकास सूचकांक में शामिल तीन संख्याओं में से एक है। अनौपचारिक भाषा में प्रति व्यक्ति आय को औसत आय भी कहा जाता है और आमतौर पर यदि एक राष्ट्र की औसत आय दूसरे राष्ट्र की तुलना में अधिक होती है, तो पहले राष्ट्र को दूसरे की तुलना में अधिक समृद्ध और समृद्ध माना जाता है।

प्रति व्यक्ति आय केवल औसत मूल्य को दर्शाता है

प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) का उपयोग एक देश के लोगों की संपत्ति का अनुमान दूसरे देश की तुलना में लगाने के लिए किया जाता है। इसे आमतौर पर यूरो या डॉलर जैसी आम तौर पर स्वीकृत अंतरराष्ट्रीय मुद्रा में मापा जाता है। लेकिन इस माप प्रणाली में एक खामी भी है। यानी यह किसी देश की केवल मौद्रिक संपत्ति को उस देश के लोगों के बीच बांटता है और अन्य आर्थिक गतिविधियों को मापता नहीं है। हो सकता है कि किसी देश विशेष की प्रति व्यक्ति आय मौद्रिक दृष्टि से कम हो लेकिन उस देश में होने वाली आर्थिक गतिविधियों का मौद्रिक मूल्य बहुत अधिक हो। इसलिए, इसे किसी देश के विकास का एकमात्र उपाय माना जा सकता है।

इसके साथ यह गरीब अमीरों के बीच बड़ी खाई होने वाले देशों में संभ्रमता की स्थिति उत्पन्न करता है। ऐसे की भारत में देश के कुछ मुट्ठीभर अमीरों के पास देशी की अधिकांश संपत्ति और उससे प्राप्त आय है; बाकी देश में गरीबों और भुखमरों की संख्या भी करोड़ों में है। प्रति व्यक्ति आय, सबकी आय को मिलाकर गरीबों की वास्तविक परिस्थिति को भी छुपता है।

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