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भूत की डरावनी कहानी: पिसाच मैना

बच्चों के लिए डरावनी कहानियाँ न केवल उनकी नटखटता को नियंत्रित कर सकती हैं, बल्कि डरपोक प्रकार के बच्चों में थोड़ा साहस पैदा करने का काम भी कर सकती हैं। इस लेख में हम भूत की डरावनी कहानी में पिसाच मैना की कहानी को जानेंगे।

भूत की डरावनी कहानी: पिसाच मैना

भूत की डरावनी कहानी – पिसाच मैना

माधवपुर नामक एक विशाल राज्य था, जिसके शासक राजा पृथ्वीराज थे। राजा पृथ्वीराज की कई पत्नियाँ और आशा और मैना नाम की दो बेटियाँ थीं। इनमें से मैना राजा की पहली पत्नी की पुत्री थी। राजा पृथ्वीराज को मैना कुछ ज्यादा पसंद नहीं थी, इसलिए वह उसके साथ बुरा व्यवहार करता था। मैना महल के नौकरों के साथ महल में काम करती थी।

जब राजा पृथ्वीराज की मृत्यु हुई, तो माधवपुर का सिंहासन प्रजा की इच्छा के अनुसार पृथ्वीराज की पहली बेटी मैना को दिया गया। वह माधवपुर की रानी बनी। उस समय माधवपुर की स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। माधवपुर इन दो धर्मों, हिंदू और मुस्लिम के बीच विभाजित था। उस समय दोनों धर्मों के लोगों के बीच युद्ध हुआ था।

रानी मैना चाहती थी कि पूरे माधवपुर में एक ही धर्म हो, लेकिन लोगों ने इसे मानने से इनकार कर दिया था। इससे क्रुद्ध होकर रानी ने उनकी एक न सुनने वालों को मृत्युदंड दे दिया। वह ऐसे लोगों को जिंदा भी जलाती थी। रानी मैना की इस क्रूरता के कारण माधवपुर के लोग उससे घृणा करने लगे।

यह भी कहा जाता था कि रानी मैना अविवाहित युवतियों के खून से नहाती थीं। उनका मानना ​​था कि उनके खून से स्नान करने से वह लंबे समय तक जवां बनी रह सकती हैं। कुछ वर्षों के बाद रानी मैना की शादी हो गई और कुछ समय बाद माधवपुर में एक खबर आई कि रानी मैना गर्भवती हैं और जल्द ही उनके राज्य को उनका नया राजा भी मिल जाएगा।

इससे सभी खुश थे, लेकिन उस समय रानी मैना के साथ एक बेहद अजीब घटना घटी। उसके गर्भ से कोई बच्चा पैदा नहीं हुआ, लेकिन कुछ महीनों के बाद रानी मैना का पेट फिर से सामान्य हो गया। वहां के ओझाओं ने अपने तांत्रिक ज्ञान से बताया कि रानी मैना के गर्भ में कोई बच्चा नहीं, बल्कि एक भूत आता है।

कुछ समय बाद फिर वही भूत रूप रानी मैना के गर्भ में रहने लगा और वह फिर से गर्भवती हो गई। इस बार भी रानी को कोई संतान नहीं हुई और उस घटना के कुछ दिन बाद ही रानी मैना की मृत्यु हो गई। इसके बाद मैना की छोटी बहन आशा को माधवपुर की गद्दी पर बिठाया गया और आशा माधवपुर की नई रानी बनीं।

रानी मैना की क्रूरता के कारण माधवपुर के लोग उन्हें एक निर्दयी महिला मानते थे। वहीं जब उसके गर्भ में पल रहे बच्चे के स्थान पर एक भूत का वास होने लगा तो लोगों ने उसे शापित भी कहा और इसी वजह से लोगों ने उसे पिसाच मैना का नाम दिया।

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