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साबुन के संपर्क में आते ही पीली हल्दी लाल क्यों हो जाती है

हल्दी को हर कोई अपने आप से जानता है, क्युकी सबके किचन में हल्दी पाउडर होता ही है। चोट लगने पर हल्दी वाला दूध दिया जाता है। माथे पर तिलक लगाने के लिए हल्दी का प्रयोग किया जाता है। कभी-कभी हल्दी हमारे कपड़ों पर लग जाती है। वह कपड़ा साबुन के संपर्क में आते ही पीली हल्दी अचानक लाल हो जाती है। सवाल यह है कि साबुन के संपर्क में आते ही पीली हल्दी लाल क्यों हो जाती है? क्या उसका साबुन से कोई पुराना झगड़ा है और वह गुस्से से लाल हो जाती है। चलो पता करते हैं।

साबुन के संपर्क में आते ही पीली हल्दी लाल क्यों हो जाती है

हल्दी का वैज्ञानिक नाम करकुमा लोंगा (Curcuma longa) है, जो एंजियोस्पर्मिक परिवार जिंजरबेरासी का सदस्य है, जिसके खाने योग्य भाग को जड़ या प्रकंद कहा जाता है। यानी हम हल्दी का फल नहीं खाते, बल्कि हल्दी की जड़ को खाते हैं। हल्दी एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक और एंटीसेप्टिक है। यही कारण है कि चोट लगने पर हल्दी वाला दूध दिया जाता है और किचन में खाने में हल्दी पाउडर मिलाया जाता है।

साबुन के संपर्क में आते ही पीली हल्दी लाल क्यों हो जाती है

लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि हल्दी एक प्राकृतिक इंडिकेटर भी है। विज्ञान प्रयोगशालाओं में अम्ल और क्षार का पता लगाने के लिए लिटमस पेपर का उपयोग किया जाता है। इसका आविष्कार बहुत बाद में हुआ था, लेकिन हल्दी हजारों साल पहले से वही काम कर रही है। हल्दी की मदद से क्षार का पता लगाया जा सकता है। क्षार के संपर्क में आने पर हल्दी का रंग बदल जाता है। यह पीले से लाल हो जाता है। क्योंकि साबुन में भी क्षार होता है, साबुन के संपर्क में आने पर हल्दी लाल हो जाती है।

असली साबुन की जांच करने का यह एक अच्छा तरीका है। अगर हल्दी लाल नहीं होती है तो समझ लें कि साबुन बनाने वाले ने दाल में थोडा काला डाल दिया है। आशा है की यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। ऐसे ही मजेदार जानकारी के लिए जरा हटके के बाकी पोस्ट पढ़े।

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