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परमाणु बम क्या होता है | Nuclear Bomb गिरने से कितना नुकसान होगा

द्वितीय विश्व युद्ध में इस्तेमाल किए गए सबसे शक्तिशाली विस्फोटक को ‘ब्लॉकबस्टर’ कहा जाता था। इसके निर्माण में 11 टन Trinitrotoluene (TNT) का इस्तेमाल किया गया था, जो उस समय तक ज्ञात सबसे मजबूत विस्फोटक था। इस विस्फोटक से 2000 गुना अधिक शक्तिशाली पहला परमाणु बम था जिसका विस्फोट 22,000 टन TNT के विस्फोट के बराबर था। अब Nuclear Bomb पहले परमाणु बम से कहीं अधिक शक्तिशाली हो गए हैं। इस लेख में हम, परमाणु बम क्या होता है और Parmanu Bomb गिरने से कितना नुकसान होगा जानेंगे।

परमाणु बम क्या होता है | Nuclear Bomb गिरने से कितना नुकसान होगा

परमाणु बम क्या होता है

परमाणु बम (Nuclear Bomb) एक विस्फोटक उपकरण है जिसकी विनाशकारी शक्ति परमाणु प्रतिक्रिया पर आधारित होती है। यह परमाणु संलयन या परमाणु विखंडन (Nuclear Fission) या दोनों प्रकार की परमाणु प्रतिक्रियाओं को मिलाकर बनाया जा सकता है। दोनों प्रकार की प्रतिक्रिया के परिणामस्वरूप थोड़ी मात्रा में सामग्री से बड़ी मात्रा में ऊर्जा का उत्पादन होता है।

आज के एक हजार किलो से थोड़े बड़े परमाणु हथियार (Nuclear Weapon) उतनी ही ऊर्जा उत्पन्न कर सकते हैं जितनी कई अरब किलो के पारंपरिक (पारंपरिक) विस्फोटकों द्वारा उत्पादित की जा सकती है। परमाणु हथियारों को सामूहिक विनाश के हथियार कहा जाता है।

परमाणु बम क्या होता है | Nuclear Bomb गिरने से कितना नुकसान होगा

परमाणु बम में विस्फोट करने वाला पदार्थ यूरेनियम या प्लूटोनियम है। बिजली यूरेनियम या प्लूटोनियम के परमाणु विखंडन से ही प्राप्त होती है। इसके लिए परमाणु के नाभिक में न्यूट्रॉन (Neutron) से मारा किया जाता है। इस प्रहार से ही भारी मात्रा में ऊर्जा प्राप्त होती है। भौतिक विज्ञानी इस प्रक्रिया को परमाणु विखंडन (Nuclear Fission) कहते हैं।

एक परमाणु के नाभिक में अभ्यंतर में न्यूट्रॉन निकलते हैं। ये न्यूट्रॉन अन्य परमाणुओं पर हमला करते हैं और फिर वे विखंडन करते हैं। फिर वे अन्य परमाणुओं को खंडित करते हैं। इस प्रकार श्रृंखला क्रिया शुरू होती है। परमाणु बम की अनियंत्रित श्रृंखला क्रियाओं के परिणामस्वरूप बड़ी तीव्रता के साथ परमाणु विस्फोट होता है।

परमाणु बम गिरने से क्या और कितना नुकसान होगा

प्रथम परमाणु बम का प्रयोग द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान किया गया था। इन हत्यारों को काफी विनाशकारी माना जाता है क्योंकि एक बम में लाखों लोगों को मारने और पूरे शहरों को नष्ट करने की क्षमता होती है। हम सभी जानते हैं कि परमाणु बम इतना खतरनाक है कि अगर इसे कहीं गिरा दिया गया तो दशकों तक सार्वजनिक जीवन का कोई निशान नहीं रहेगा और पेड़-पौधे भी नहीं उग पाएंगे। जैसा कि जापान के दो शहरों हिरोशिमा और नागासाकी में हुआ था जब अमेरिका ने परमाणु बम गिराए थे।

एक अध्ययन के अनुसार, लोगों का मानना ​​है कि परमाणु हमले के बाद बच्चे विकलांग पैदा होंगे, लेकिन ऐसा नहीं है कि विकिरण आनुवंशिक क्षति या आनुवंशिक क्षति का कारण बनता है, लेकिन उतना नहीं जितना फैलता है। परमाणु हमले के बाद पानी और भोजन इतना प्रभावित होगा कि लोग भूख-प्यास से मरने लगेंगे, लेकिन अगर खाद्य पदार्थों में रेडियोधर्मी कण (Radioactive particles) नहीं मिले तो कुछ नहीं होगा।

बम किसी भी स्थान पर गिरने के बाद एक निश्चित क्षमता के भीतर ही नुकसान पहुंचा सकता है। अधिक शक्तिशाली होने के कारण वह किसी स्थान पर अधिक लोगों को हानि पहुँचा सकता है परन्तु बहुत दूर नहीं। परमाणु हमले के बाद तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा और घनी आबादी वाले इलाकों में ज्यादा नुकसान होगा। परमाणु हमले के दौरान बारिश होने पर इसका असर भी खत्म हो सकता है।

किसी भी चीज की अधिकतम सीमा होती है। विकिरण (Radiation) भी कुछ हद तक ही नुकसान पहुंचा सकता है। अगर 5 इंच मोटी कंक्रीट की दीवार बनाई जाए तो उसे तोड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है।

परमाणु बम के फटने के बाद उसमें से रेडियोधर्मी कण निकलते हैं। बड़े कण पास में गिर जाते हैं, जबकि छोटे कण मिट्टी में मिल जाते हैं। ये केवल शरीर के फेफड़ों में प्रवेश कर नुकसान पहुंचाते हैं। वे बीमारियां फैलाते हैं और आनुवंशिक परिवर्तन भी करते हैं। अगर इसका असर तुरंत नहीं हुआ तो इससे आसानी से बचा जा सकता है।

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