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पैर हिलाने की बीमारी के लक्षण, फायदे और नुकसान

कई बार जब आप बहुत ज्यादा तनाव या चिंता में होते हैं तो आप बैठते समय अपने पैरों को हिलाते रहते हैं। पैरों को बेवजह हिलाने की आदत को रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम कहते हैं। एक अध्ययन के अनुसार जिन लोगों को पैर हिलाने में ऐसी समस्या होती है उनमें हार्ट अटैक का खतरा दोगुना अधिक होता है क्योंकि ‘Restless Legs Syndrome‘ का सीधा संबंध नींद की कमी की समस्या से होता है। इस लेख में हम, पैर हिलाने की बीमारी के लक्षण, फायदे और नुकसान जानेंगे।

Restless Legs Syndrome: पैर हिलाने की बीमारी के लक्षण, फायदे और नुकसान

पैर हिलाने की आदत क्या है

पैरों को हिलाने की थोड़ी सी भी आदत हार्ट अटैक के खतरे को दोगुना कर देती है। विशेषज्ञों के अनुसार, रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम से पीड़ित व्यक्ति सोने से पहले अपने पैर को 200 से 300 बार हिला चुका होता है। इससे रक्तचाप और हृदय गति बढ़ जाती है। यह बाद में हृदय रोग का कारण बन सकता है।

पैर हिलाने की बीमारी के लक्षण

पैर हिलाने की बीमारी यह वास्तव में ज्यादा गंभीर नहीं है फिर भी तनाव में होने पर ज्यादातर लोग अपने पैर हिलाते हैं। कुछ लोग धूम्रपान और शराब पीते हुए भी अपने पैर हिलाते हैं। यह आदत को नकारात्मक विचारों से भी जोड़कर देखा जाता है, जब लोग पैर हिलाते हैं तो उस समय ज्यादातर लोगों के दिमाग में नकारात्मक बातें होती हैं।

क्या है फायदे नुकसान

पैर हिलाने की आदत (Restless Legs Syndrome) एक बीमारी में गिनी जाती है इस कारण इसके फायदे -नुकसान भी है। पैर हिलाने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि पैर हिलाने से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इससे नींद नहीं आती है और हार्ट अटैक का खतरा रहता है। अगर आपको भी पैर हिलाने की आदत है तो इसे हल्के में न लें।

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