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Network Marketing क्या है | बेरोजगार युवाओं कैसे ठगती हैं नेटवर्क मार्केटिंग कंपनियां

क्या आपको कोई ऐसा व्यक्ति मिला है जो कुछ ही महीनों में आपको करोड़पति बनाने का वादा कर रहा हो? क्या किसी ने ऐसे सपने दिखाए हैं या किसी ऐसे व्यवसाय के बारे में बताया है, जिससे आप कुछ दिनों या महीनों में अमीर बन सकते हैं। ऐसे सपने या वादे अक्सर नेटवर्क मार्केटिंग कंपनियों द्वारा किए जाते हैं, जिन्हें – Multi Level Marketing (MLM) भी कहा जाता है। इस लेख में हम जानेंगे की, Network Marketing क्या है, Network Marketing कैसे काम करती है, नेटवर्क मार्केटिंग विवाद का हिस्सा क्यों है, पिरामिड स्कीम क्या है, नेटवर्क मार्केटिंग में युवाओं को कैसे टारगेट किया जाता है।

Network Marketing क्या है

रातोंरात अमीर बनने का सपना दिखाने वाली Network Marketing कंपनीया अक्सर धोखाधड़ी कर फरार हो जाती। सुनहरे सपने दिखाकर युवा पीढ़ी को बरगलाने वाली कंपनियों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। वह कम समय में ज्यादा कमाने का सपना दिखाती है और फिर कुछ देर काम करने के बाद लोगों का विश्वास जीतकर फरार हो जाती है। तो चलिए नेटवर्क मार्केटिंग के बारे में विस्तार से जानते है।

Network Marketing क्या है

Network Marketing कंपनी की किसी सेवा या उत्पाद को सीधे उपभोक्ता तक पहुंचाने का एक तरीका है। इसमें उपभोक्ता सीधे कंपनी से जुड़कर उस कंपनी के उत्पादों को खरीदता है। जिसके तहत कंपनी उस उपभोक्ता को सीधे लाभ देने की कोशिश करती है। Network Marketing एक चेन की तरह है, जिसमें बहुत से लोग जुड़े हुए हैं। कई लोगों के इस समूह द्वारा कंपनी के उत्पाद को बाजार में लाया जाता है। नेटवर्क मार्केटिंग में काम करने वाले सभी लोग एक दूसरे से एक चेन की तरह जुड़े हुए हैं। समूह से जुड़े सभी लोगों का विकास एक दूसरे के सहयोग से ही संभव है।

Network Marketing कैसे काम करती है?

Network Marketing में कंपनी के किसी भी उत्पाद को नेटवर्क मार्केटिंग के माध्यम से सीधे उपभोक्ता तक पहुंचाया जाता है, जिसमें उपभोक्ता सीधे कंपनी से जुड़ता है और उत्पाद खरीदता है, जिस पर कंपनी उपभोक्ता को कुछ लाभ देती है, जैसे डिस्काउंट या कैशबैक। इसके साथ वह एक चैन भी बनाता है जिसमें बाकी लोगों को वह जोड़ता है, और उसे इसका कमीशन प्राप्त होता है। जैसे-जैसे चैन बढ़ती है, उसका लाभ भी बढ़ता है। Network Marketing की इस शैली को पिरामिड स्कीम (Pyramid Scheme) कहा जाता है, जिसे हम आगे देखेंगे।

उदाहरण के लिए, सबसे पहले आप कंपनी के कस्टमर-कम-डिस्ट्रीब्यूटर बनते हैं और उस पर कमीशन कमाते हैं। इसका मतलब है कि आपको केवल अपना पैसा वापस मिलेगा। फिर दूसरे चरण में, वे किसी अन्य व्यक्ति को ग्राहक-सह-वितरक बनाने के लिए प्रायोजित करते हैं और उसके द्वारा बेचे गए उत्पादों पर कमीशन प्राप्त करते हैं।

इसी तरह यह सिलसिला बढ़ता ही जाता है। एक से तीन, तीन से नौ, नौ से सत्ताईस और…. तो मान लीजिए कि आप इस पिरामिड के शीर्ष पर बैठे हैं और आप इस Network Marketing या MLM को शुरू करने वाले पहले व्यक्ति हैं। आपके स्तर से नीचे के सभी लोग, उनके संसाधन और समय आपके लाभ के लिए काम करते हैं।

नेटवर्क मार्केटिंग विवाद का हिस्सा क्यों है?

एक व्यवसाय मॉडल जो आपको एक ग्राहक के साथ-साथ एक विक्रेता भी बनाता है। आप ग्राहक, एजेंट और विक्रेता की भूमिका एक साथ निभाते हैं। मल्टी लेवल मार्केटिंग का यह बिजनेस कंपनी के लिए है कि आप अपने खर्च पर अपनी मार्केटिंग को चमकाते हैं। यह चिटफंड एक्ट के तहत अवैध है। इस कानून के अनुसार किसी को भी पिरामिड स्कीम को चलाने की अनुमति नहीं है।

पिरामिड स्कीम क्या है
पिरामिड स्कीम

पिरामिड स्कीम क्या है

पिरामिड स्कीम एक प्रकार का बहुस्तरीय नेटवर्क है। इस योजना में एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से जुड़ता है। किसी नए व्यक्ति को जोड़ने पर उसे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कुछ लाभ मिलता है। इस योजना में मनी सर्कुलेशन का मतलब है कि पैसा घुमाया जाता है, जिसमें पुराने लोगों को नए शामिल हुए लोगों का पैसा मिलता है। पिरामिड के नीचे के लोगों को अक्सर नुकसान उठाना पड़ता है।

पिरामिड योजना भारत सहित अधिकांश देशों में प्रतिबंधित है। लेकिन, ये कंपनियां सीधे तौर पर पैसे का सर्कुलेशन नहीं करतीं, बल्कि अपने प्रोडक्ट्स के जरिए मनी सर्कुलेशन करती हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने इसे भी बैन करने का फैसला किया है।

बेरोजगार युवाओं कैसे ठगती हैं Network Marketing कंपनियां

Network Marketing या MLM चलाने वाले लाचार और परेशान युवाओं को ही पकड़ते हैं। योजना को इस तरह प्रस्तुत किया जाएगा कि आप इसके नुकसान नहीं देख पाएंगे और वे आपको फायदे गिनवाते-गिनवाते नहीं थकेंगे। वे लोग प्यार से आपको संपर्क करते हैं और महंगे कपड़ों और जूतों में युवाओं के सामने आते हैं। यह मजबूरी युवाओं के मन में एक स्वप्नलोक की छवि बनाती है और उन्हें लगने लगता है कि उन्हें भी यह सब मिलना चाहिए।

सेमीनार में, नेटवर्क मार्केटिंग की टीम आगे बैठे बेरोजगार और हताश युवाओं को कंपनी से जुड़े फायदों के बारे में ही चर्चा करती है। अक्सर सेमिनार में जो लोग दोपहिया वाहनों में पेट्रोल नहीं भर पाते हैं, वे बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज होने का दावा करते हैं। कंपनी की टीम युवाओं को बताती है कि उनके साथ जुड़ने वाले युवा बहुत कम कमाते थे या ‘बेरोजगार’ थे, लेकिन कंपनी में शामिल होने के बाद से उन्होंने बहुत प्रगति की है और उन्होंने विदेश का दौरा भी किया है। साथ ही यह भी बताया जाता है कि नेटवर्क मार्केटिंग में लोग शुरुआत में बहुत मेहनत करते हैं, बाद में घर बैठे बिना किसी मेहनत के पैसा कमाते हैं।

नेटवर्क मार्केटिंग के युवा गली या नुक्कड़ जैसी जगहों पर नहीं मिलते, बल्कि लग्जरी होटलों में सेमिनार के दौरान युवाओं को आमंत्रित करते हैं। इन सेमिनारों में जिज्ञासु लोगों की भीड़ देखने को मिलेगी। थ्री पीस सूट में सभी नजर आएंगे। सेमिनार में बताया जाएगा कि कैसे आप भी मर्सिडीज या बीएमडबल्यू में सफर कर सकते हैं। इन सभी प्रक्रियाओं तक बहुत सारे युवा इस जाल में फंस जाते हैं। कुछ महीनों या वर्षों तक कड़ी मेहनत करने के बाद भी उनके हाथ खाली रह जाते हैं और वे ठगा हुआ महसूस करते हैं।

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