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नाभि में तेल लगाने के फायदे और नुकसान

भारत जैसे देश में नाभि में तेल लगाने की परंपरा हजारों साल से चली आ रही है। नाभि में सरसों का तेल लगाने से लाभ होता है, क्योंकि इससे नाभि चक्र सक्रिय होता है। इसे लगाने से स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं पर अच्छा असर पड़ता है। इसलिए नाभि में नियमित रूप से सरसों का तेल लगाना चाहिए। हालांकि इसके कुछ सामान्य नुकसान भी है। इस लेख में हम नाभि में तेल लगाने के फायदे और नुकसान क्या है जानेंगे।

नाभि में तेल लगाने के फायदे और नुकसान

नाभि में तेल लगाने के फायदे

1. दिल को फिट रखने में मददगार

शरीर को फिट रखने के लिए दिल (Heart) का स्वस्थ होना जरूरी है। नाभि में सरसों का तेल लगाने से भी दिल को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है। सरसों के तेल में मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड होते हैं, जो दोनों ही हृदय की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।

2. गठिया को रोकने में फायदेमंद

गठिया (Gout) के घरेलू उपचार के तौर पर नाभि में सरसों का तेल लगाने से फायदा हो सकता है। शोध से पता चला है कि सरसों के तेल में गठिया रोधी गुण होते हैं, जो गठिया के साथ-साथ दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं। ऐसे में अगर सरसों का तेल सुबह नाभि में लगाया जाए तो यह गठिया के लिए कारगर साबित हो सकता है।

3. कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में सहायक

नाभि में सरसों का तेल लगाने से भी हाई कोलेस्ट्रॉल (High Cholesterol) की समस्या में फायदा हो सकता है। सरसों के तेल में अल्फा-लिनोलेनिक एसिड होता है, जो कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है। इस तरह यह हृदय रोग के खतरे को भी कम कर सकता है।

4. पीरियड्स में दर्द से राहत

पीरियड्स के दौरान महिलाओं को पेट के निचले हिस्से में दर्द महसूस होता है और इसे सहन करना मुश्किल हो जाता है। इस दौरान नाभि में सरसों का तेल लगाने से आराम मिल सकता है। सरसों के तेल में दर्द को कम करने के गुण होते हैं, ऐसे में नाभि में तेल लगाने से यह गुण शरीर में अवशोषित हो जाता है और मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द से राहत मिलती है।

नाभि में तेल लगाने के नुकसान

1. अधिक दबाव के साथ मालिश करने से बचें

नाभि को बहुत जोर से दबाने या जोर लगाने की जरूरत नहीं है। क्योंकि, पेट में कई नसें होती हैं और यह दबाव देने से पेट में दर्द हो सकता है। नाभि में सामान्य या हल्के दबाव के साथ ही तेल की मालिश करनी चाहिए।

2. खराब गुणवत्ता वाले तेलों से बचें

नाभि पर लगाने वाले तेल की गुणवत्ता पर भी ध्यान देने की जरूरत है। आप जिस तेल का इस्तेमाल करने जा रहे हैं उस पर ध्यान दें। शरीर को इससे एलर्जी नहीं होनी चाहिए। क्योंकि गलत तेल के इस्तेमाल से नाभि में जलन हो सकती है। कुछ तेल, जैसे पेपरमिंट, टी ट्री ऑयल या यूकेलिप्टस भी जलन या दर्द का कारण बन सकते हैं।

3. सर्जरी के बाद उपयोग से बचें

यदि रोगी के पेट या नाभि के संबंधित क्षेत्र में सर्जरी हुई है, तो उस स्थिति में नाभि में तेल से बचना चाहिए। ऐसे गंभीर मामले में सरसों के तेल का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

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