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मुट्ठी मारने से क्या होता है | फायदे – नुकसान

मुट्ठी मारना एक सामान्य और स्वस्थ यौन क्रिया है जिसके कुछ फायदे और दुष्प्रभाव भी है। मुट्ठी मारने को लेकर कई तरह के दावे किए जाते हैं – जैसे कि अंधा होना, इनमें से ज्यादातर दावे असत्य होते हैं। मुट्ठी मारना सभी उम्र के पुरुषों और महिलाओं में एक सामान्य गतिविधि है और स्वस्थ निजी जिंदगी में इसकी अहम भूमिका है। इस लेख में हम मुट्ठी मारने से क्या होता है और इसके क्या फायदे – नुकसान है जानेंगे।

मुट्ठी मारने से क्या होता है

मुट्ठी मारने से क्या होता है

जब आप खुद को अच्छा महसूस कराने के लिए अपने प्राइवेट पार्ट को छूते हैं तो इसे मुट्ठी मारना कहा जाता है। हर आदमी इसे अलग तरह से करता है। मुट्ठी मारने के दौरान आदमी अपने मन में ‘उन खूबसूरत पलों’ की कल्पना करता और सोचता है। मुट्ठी मारने से खुद को ‘अच्छा महसूस कराने’ का एक स्वाभाविक तरीका है। इससे आप खुद को सुख देते हैं। इसे बेहद निजी मामला माना जाता है। ध्यान रहे कि सार्वजनिक जगहों पर ऐसा करना गैर कानूनी है।

मुट्ठी मारना आपको अंधा या पागल नहीं बनाता है। ऐसा करने से न तो आपकी आंखों के नीचे कालापन आता है और न ही यह आपके शारीरिक विकास को रोकता है। सच तो यह है कि ऐसा करने से आपका तनाव कम होता है और शरीर में एंडोर्फिन नाम का हैप्पी हार्मोन रिलीज होता है, जो आपको रिलैक्स करता है। मुट्ठी मारने का कोई सही या गलत तरीका नहीं है। पुरुष आमतौर पर अपने प्राइवेट परत को रगड़ कर ऐसा करते हैं।

महिलाएं आमतौर पर अपने प्राइवेट पार्ट के आसपास के क्षेत्र को छूती हैं। उनके प्राइवेट पार्ट के प्रवेश द्वार के सामने छोटी कोमल गांठ को क्लाइटोरिस कहा जाता है। यह बहुत ही संवेदनशील होता है और इसे छूने और हिलाने से बहुत अधिक यौन सुख मिलता है। उत्तेजना की चरम स्थिति तक पहुंचने के लिए अधिकांश महिलाओं को मुट्ठी मारने के दौरान क्लाइटोरिस को उत्तेजित करने की आवश्यकता होती है।

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