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एमएलसी चुनाव क्या होता है

वर्तमान में देश में केवल 6 राज्यों में विधान परिषद हैं। इसके अलावा बिहार, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में भी विधान परिषदें अस्तित्व में हैं। विधान परिषद के सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है। MLC Election लड़ने के लिए न्यूनतम आयु 30 वर्ष होनी चाहिए। इस लेख में हम एमएलसी चुनाव क्या होता है जानेंगे।

एमएलसी चुनाव क्या होता है

एमएलसी चुनाव क्या होता है

अधिकांश राज्यों में केवल विधान सभा है। इसका मतलब है कि इन राज्यों में एक सदनीय विधायिका है। कई राज्यों में विधानमंडल के दो सदन होते हैं, जिनमें विधान सभा और विधान परिषद शामिल हैं। जिन राज्यों में द्विसदनीय विधायिका है। यह ठीक वैसे ही है जैसे संसद में राज्यसभा और लोकसभा होती है। इसमें लोकसभा को विधान सभा माना जा सकता है जबकि राज्यसभा की तरह विधान परिषद है।

जैसे लोक सभा के सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं, वैसे ही विधान सभा के साथ भी ऐसा ही है। इसके विपरीत जिस प्रकार राज्य सभा के सदस्यों का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा नहीं बल्कि जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है, उसी प्रकार विधान परिषद के सदस्यों का निर्वाचन प्रत्यक्ष रूप से नहीं होता है। विधान सभा को निचला सदन या लोकप्रिय सदन कहा जाता है और विधान परिषद को उच्च सदन कहा जाता है।

एमएलसी सदस्यों का चुनाव भी वोटिंग के जरिए होता है। लेकिन, आम जनता मतदान की इस प्रक्रिया में भाग नहीं लेती है। वहीं, इस प्रक्रिया में MLC सदस्यों का चयन जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है।

एमएलसी चुनाव में स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र के तहत विधायकों, जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और नगर निगम या नगर पालिका के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ भाग लेते हैं। इनमें कुछ उम्मीदवारों का चयन विधायक द्वारा किया जाता है और कुछ उम्मीदवारों का चयन स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत किया जाता है।

विधान परिषद में एक निश्चित संख्या में सदस्य होते हैं। विधान सभा के एक तिहाई से अधिक सदस्य विधान परिषद में नहीं होने चाहिए। उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि यूपी में विधानसभा के 403 सदस्य हैं, तो यूपी विधान परिषद में 134 से अधिक सदस्य नहीं हो सकते। इसके अलावा विधान परिषद में कम से कम 40 सदस्यों का होना जरूरी है। बता दें कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद में 100 सीटें हैं और एमएलसी का दर्जा विधायक के बराबर है।

यूपी में विधान परिषद के 100 में से 38 सदस्य विधायकों द्वारा चुने जाते हैं। वहीं, स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत जिला पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और नगर निगम या नगर पालिका के निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा 36 सदस्यों का चुनाव किया जाता है. राज्यपाल 10 मनोनीत सदस्यों को मनोनीत करता है। इसके अलावा 8-8 सीटें शिक्षक चुनाव और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में आती हैं।

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