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मेसोपोटामिया के समाज में एकल परिवार से क्या तात्पर्य है

मेसोपोटामिया का ग्रीक अर्थ “दो नदियों के बीच” है। यह क्षेत्र टाइग्रिस (टाइग्रिस) और यूफ्रेट्स नदियों के बीच स्थित है। इसमें आधुनिक इराक के बाबिल जिले, पूर्वोत्तर सीरिया, दक्षिणपूर्वी तुर्की और ईरान के कुज़ेस्तान प्रांत के क्षेत्र शामिल हैं। इसे कांस्य युग की सभ्यता का उगमस्थान माना जाता है। यहां सुमेर, अक्कादियन सभ्यता, बेबीलोन और असीरिया के राज्य अलग-अलग समय पर स्थापित हुए थे। मेसोपोटामिया में हड़प्पा सभ्यता को ‘मेलुहा’ कहा गया है। इस लेख में हम, पोटामिया के समाज में एकल परिवार से क्या तात्पर्य है इसे जानेंगे।

मेसोपोटामिया के समाज में एकल परिवार से क्या तात्पर्य है

मेसोपोटामिया के समाज में एकल परिवार से क्या तात्पर्य है

मेसोपोटामिया के समाज में एकल परिवार से तात्पर्य है की, सुमेरिया का समाज मुख्य रूप से तीन वर्गों में विभाजित था, पहला उच्च वर्ग, दूसरा मध्यम वर्ग और तीसरा निम्न वर्ग। उच्च वर्ग में राज्य के राजा, शासक, पुजारी और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे, उनका समाज में सबसे अधिक सम्मान था। मध्यम वर्ग में वड़ा किसान, व्यापारी आदि थे। तीसरे वर्ग में दास मजदूर और छोटे किसान शामिल थे, सुमेरियन समाज में गुलामी प्रचलित थी।

समाज में महिलाओं की स्थिति अच्छी थी, उन्हें संपत्ति का अधिकार था, वे स्वतंत्र व्यवसाय भी कर सकती थीं, समाज में महिलाओं का सम्मान किया जाता था, सुमेरियन समाज में लोग अक्सर एक ही शादी करते थे, लेकिन कुछ उच्च वर्ग के लोग बहुविवा भी करते थे। सुमेरियन लोगों का खान पान और जीवन स्तर उच्च स्तर का था।

वे ऊनी और सूती कपड़ों का इस्तेमाल करते थे और पक्के घरों में रहते थे। स्वच्छता और पवित्रता उनके जीवन के मुख्य अंग थे। कंगन, हार, अंगूठियां और झुमके उनके मुख्य आभूषण थे। गेहूं, जौ, खजूर उनके पसंदीदा खाद्य पदार्थ थे और समाज में दहेज प्रथा प्रचलित थी।

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