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मांगलिक होने के फायदे

अन्य ग्रहों की तरह मंगल भी कुंडली के बारह भावों में से किसी एक में होता है। बारह भावों में से कुछ भाव ऐसे हैं जहां मंगल की स्थिति मांगलिक दोष के रूप में ली जाती है। मांगलिक होने को लेकर लोगों में कई भ्रांतियां हैं। इसी वजह से अक्सर लोग मंगल दोष के बारे में सुनकर काफी घबरा जाते हैं। हालांकि ऐसा नहीं है कि मांगलिक होने से जीवन में केवल बुरा समय आता है, कई लोगों के लिए या कुछ उपाय करने के बाद, यह लाभ भी देता है। इस लेख में हम, मांगलिक होने के फायदे और Manglik Dosh के लक्षण व उपाय जानेंगे।

मांगलिक होने के फायदे

मांगलिक होने के फायदे

1) यदि मंगल प्रथम भाव में हो तो –

इस स्थिति में व्यक्ति बहुत सुंदर तो नहीं होता है, लेकिन उसके चेहरे पर लालिमा आ जाती है। यहां मंगल माता और जीवनसाथी के साथ बुरा व्यवहार करने के लिए विवश करता है। इसके साथ ही वैवाहिक जीवन में भी परेशानियां आती हैं।

इस दशा के लोग बहुत साहसी और पराक्रमी होते हैं। ऐसा व्यक्ति कठिन से कठिन समय को भी आसानी से पार कर विजय प्राप्त कर सकता है। ऐसे में मांगलिक दोष के प्रभाव को खत्म करने के लिए नियमित रूप से गुड़ का सेवन करें और लाल रंग का कम प्रयोग करें।

2) यदि मंगल चतुर्थ भाव में हो

मंगल दोष की इस दशा में अशुभ प्रभाव कम होता है। इस दशा में दाम्पत्य जीवन को समायोजित करने में समस्या आती है। इस दशा के लोग बहुत शक्तिशाली और आकर्षक होते हैं और लोगों को अपनी ओर बहुत तेजी से आकर्षित करते हैं।

ऐसी स्थिति में मांगलिक दोष के प्रभाव को खत्म करने के लिए बजरंगबली हनुमान की पूजा करें। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि धूप घर में ज्यादा देर तक रहे।

3) यदि मंगल सप्तम भाव में हो

इस मंगल दशा में जातक उग्र और हिंसक स्वभाव का होता है। मंगल के प्रभाव से व्यक्ति चीजों के प्रति बहुत उतावला हो जाता है। इस दशा में जातक वैवाहिक जीवन में भी अक्सर हिंसक हो जाता है। लेकिन यह दशा संपत्ति और संपत्ति से जुड़े कार्यों में बहुत फायदेमंद मानी जाती है।

इस दशा का जातक बड़े पद और अपार धन का स्वामी होता है। इस दशा में मंगल दोष के प्रभाव को दूर करने के लिए मंगलवार का व्रत करें। इसी के साथ मंगलवार के दिन अनामिका में तांबे की अंगूठी धारण करें।

4) यदि मंगल अष्टम भाव में हो तो

इस मंगल दशा में जातक अक्सर कड़वी वाणी और बुरे स्वभाव का होता है। इस स्वभाव के कारण व्यक्ति के जीवन में अकेलापन आ जाता है। कई बार पाइल्स और त्वचा संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसे में वैवाहिक जीवन में अलगाव या दुर्घटना हो सकती है।

लेकिन इस दशा में मंगल के कारण अचानक धन लाभ भी होता है। इस दशा के जातक अच्छे शल्य चिकित्सक बन सकते हैं। इस दशा में मांगलिक दोष के प्रभाव को खत्म करने के लिए रोज सुबह उठकर मंगल मंत्र का जाप करें। साथ ही हर मंगलवार को हनुमान जी को चमेली का तेल और सिंदूर चढ़ाएं।

5) यदि मंगल बारहवें भाव में हो

इस मंगल दशा में सुख और विलासिता की इच्छा बहुत प्रबल होती है। इस दशा का व्यक्ति कभी भी किसी चीज से संतुष्ट नहीं हो सकता है। इस मंगल दशा के कारण दाम्पत्य जीवन और अन्य संबंधों में अहंकार की समस्या उत्पन्न होने लगती है। इस मंगल दशा में भी अधिक नकारात्मकता नहीं होती है।

इस दशा में मांगलिक दोष के कारण व्यक्ति बहुत अधिक विदेश यात्रा करता है और कई लोगों के प्यार और आकर्षण का विषय बन जाता है। मांगलिक दोष में मंगलवार का व्रत बहुत लाभकारी होता है।

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