Menu Close

Kubkur कर क्या है? जानिये कुबकुर का इतिहास

चंगेज खान एक शासक था जिसने मंगोल साम्राज्य के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह अपनी संगठनात्मक शक्ति, बर्बरता और साम्राज्य विस्तार के लिए प्रसिद्ध हुए। चंगेज खान का जन्म 1162 के आसपास आधुनिक मंगोलिया के उत्तरी भाग में ओनोन नदी के पास हुआ था। इस लेख में हम, चंगेज़ खान के शासन में लगा Kubkur कर क्या है और कुबकुर का क्या महत्व था इसे जानेंगे।

Kubkur कर क्या है? जानिये कुबकुर का इतिहास

कुबकुर (Kubkur) कर क्या है

चंगेज़ खान ने पहले से ही एक फुर्तीली हरकारा पद्धति अपना रखी थी जिससे राज्य के दूरदराज़ के स्थानों में परस्पर सम्पर्क रखा जाता था। अपेक्षित दूरी पर निर्मित सैनिक चौकियों में स्वस्थ एवं बलवान घोड़े तथा घुड़सवार संदेशवाहक तैनात रहते थे। इस संचार पद्धति की व्यवस्था करने के लिए मंगोल यायावर अपने पशु – समूहों से अपने घोड़े अथवा अन्य पशुओं का दसवाँ हिस्सा प्रदान करते थे। इसे कुबकुर (kubkur) कर कहते थे।

इस उगाही (levy) को यायावर लोग अपनी स्वेच्छा से प्रदान करते थे, जिससे उन्हें अनेक लाभ प्राप्त होते थे। चंगेज़ खान की के उपरांत इस हरकारी पद्धति (याम) में और भी सुधार लाया गया। इस पद्धति की गति तथा विश्वसनीयता यात्रियों को आश्चर्य में डाल देती थी। इससे महान खानों को अपने विस्तृत महाद्वीपीय साम्राज्य के सुदूर स्थानों में होने वाली घटनाओं की निगरानी करने में सहायता मिलती थी।

इस लेख में हमने,  चंगेज़ खान के शासन में लगा Kubkur कर क्या है और कुबकुर का क्या महत्व था इसे जाना। बाकी ज्ञानवर्धक जानकारी के लिए नीचे दिए गए लेख पढ़े:

Related Posts

error: Content is protected !!