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कलौंजी का दूसरा नाम क्या है

भारतीय घरों में तरह-तरह के मसालों का इस्तेमाल किया जाता है। ये मसाले न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद माने जाते हैं। कलौंजी में आयरन, सोडियम, कैल्शियम, पोटैशियम और फाइबर होता है। यह अमीनो एसिड और प्रोटीन से भरपूर होता है। यही कारण है कि आयुर्वेद के विशेषज्ञ सदियों से इसका प्रयोग चिकित्सा में करते आ रहे हैं। इस लेख में हम कलौंजी का दूसरा नाम क्या है जानेंगे।

कलौंजी का दूसरा नाम क्या है

कलौंजी का दूसरा नाम क्या है

कलौंजी का दूसरा नाम निगेला सीड है, जिसे ब्लैक क्यूमिन के नाम से भी जाना जाता है। कलौंजी के बीजों को कलौंजी के बीज या काला जीरा के नाम से भी जाना जाता है। भारत के अलावा बांग्लादेश और पाकिस्तान में भी इसका सेवन किया जाता है। इसका उपयोग दवा में भी किया जाता है। इसका कम से कम दो ग्राम प्रतिदिन सेवन करना चाहिए।

कलौंजी एक प्रकार का बीज होता है, जिसका रंग काला होता है। इसका पेड़ करीब 12 इंच का होता है। यह मुख्य रूप से दक्षिण-पश्चिम एशिया में पाया जाता है और कई जगहों पर इसे काला बीज भी कहा जाता है और बिहार के क्षेत्रों में इसे मंगरेला भी कहा जाता है।

इसका प्रयोग आमतौर पर मसालों में किया जाता है। इसे आप सब्जी, सलाद, आटा, पुलाव और कई अन्य खाद्य पदार्थों में कर सकते हैं। भारत में अचार बनाने के लिए इसका व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

अगर आप एक्ने या पिगमेंटेशन जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं तो कलौंजी के सेवन से आपको लाभ मिलेगा। कलौंजी में एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं और यह Anti-inflammatory भी होता है।

कलौंजी तैलीय त्वचा के साथ-साथ रूखी त्वचा के लिए भी बहुत अच्छी होती है। कलौंजी का तेल बालों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि बालों को झड़ने से रोकने के लिए इसके तेल का इस्तेमाल करना चाहिए। कलौंजी स्कैल्प के लिए भी अच्छी होती है। यह स्कैल्प को गंदा होने से बचाता है। यह डैंड्रफ की समस्या को भी दूर करता है।

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