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जनसंचार के आधुनिक माध्यम कौन-कौन से हैं? जानिये यहा

जनसंपर्क का अर्थ बहुत व्यापक और प्रभावी है। जनसंपर्क न केवल लोकतंत्र के आधार पर स्थापित लोकतंत्र के संचालन के लिए, बल्कि राजशाही और तानाशाही के सफल संचालन के लिए भी आवश्यक माना जाता है। कृषि, उद्योग, व्यापार, लोक सेवा और जनहित के विस्तार और परिष्कार के लिए भी जन संपर्क आवश्यक है। इस लेख में आप, जनसंचार के आधुनिक माध्यम कौन-कौन से हैं इसे जानेंगे।

जनसंचार के आधुनिक माध्यम कौन-कौन से हैं

जनसंचार के आधुनिक माध्यम कौन-कौन से हैं

जनसंपर्क या जनसंचार से तात्पर्य उन सभी साधनों के अध्ययन और विश्लेषण से है जो एक साथ बड़ी आबादी के साथ संचार संबंध स्थापित करने में सहायक होते हैं। जनसंचार के आधुनिक माध्यम इंटरनेट, समाचार पत्र, पत्रिकाए, रेडियो, टेलीविजन आदि है। जनसंचार माध्यमों में संचार शब्द संस्कृत मूल ‘चर’ से बना है जिसका अर्थ है चलना।

भारत में जनसंपर्क की दृष्टि से समाचार पत्रों का प्रथम प्रकाशन वर्ष १७८० से शुरू हुआ। कहा जाता है कि २९ जनवरी १७८० को भारत का पहला पत्र बंगाल गजट प्रकाशित हुआ था। इसके बाद 1784 में कलकत्ता राजपत्र प्रकाशित हुआ। 1785 में मद्रास से कूरियर निकला, फिर बॉम्बे हेराल्ड, बॉम्बे कूरियर और बॉम्बे गजट जैसे पत्र अंग्रेजी में प्रकाशित हुए।

इससे बहुत पहले इंग्लैंड, जर्मनी, इटली और फ्रांस से समाचार पत्र प्रकाशित हो रहे थे। इंग्लैंड का पहला पेपर ऑक्सफोर्ड गजट 1665 में प्रकाशित हुआ था। द टाइम्स ऑफ लंदन वर्ष 1788 में प्रकाशित हुआ था। फिल्में अक्सर वीडियो कैमरे से रिकॉर्ड करके, या एनीमेशन विधियों या विशेष प्रभावों का उपयोग करके बनाई जाती हैं। आज वे मनोरंजन का एक महत्वपूर्ण साधन हैं, लेकिन उनका उपयोग कला-अभिव्यक्ति और शिक्षा के लिए भी किया जाता है।

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