Menu Close

हाइड्रोजन बम का आविष्कार किसने किया था और कब हुआ

क्या आप जानते है हाइड्रोजन बम का आविष्कार किसने किया था और कब हुआ? अगर नहीं, तो हम इस सवाल का जवाब आपको विस्तार से देंगे और इसके साथ इसका पूरा इतिहास भी आपके सामने रखेंगे जिनसे आपको सही और सटीक जबकारी मिल सके. परमाणु विशेषज्ञों के मुताबिक हाइड्रोजन बम, परमाणु बम से 1000 गुना अधिक शक्तिशाली हो सकता है. इन दोनों के बीच मुख्य अंतर ‘विस्फोट प्रक्रिया’ का है.

हाइड्रोजन बम का आविष्कार किसने किया था और कब हुआ

आपको जरूर यह पता होगा की दूसरे दूसरे विश्व युद्ध के आखिरी दौर में अमेरिका ने जापान पर दो परमाणु बम हिरोशिमा और नागासाकी पर गिराए थे. इसके कारण वहा 2 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई और बाकी संपत्ति भी जलकर खाक हो चुकी थी. ऐसी वित्त और प्राणी हानी के परिणाम के कारण ही विश्वयुद्ध को विराम लग चुका था.

इसे भी पढे: Train का आविष्कार किसने किया था और कब हुआ | जानें पूरा इतिहास

हाइड्रोजन बम का आविष्कार किसने किया था और कब हुआ?

अभी यह सवाल उत्पन्न होता है की अगर परमाणु बॉम्ब इतनी विशाल हानी कर सकता है तो इससे 1000 गुणा हाइड्रोजन बॉम्ब कितनी तबाही मचा सकता है. हम इसी हाइड्रोजन बॉम्ब की जानकारी अभी विस्तार से लेंगे. लेकिन इससे पहिले आपकी जानकारी के लिए बता दे की हाइड्रोजन बम के आविष्कारक वैज्ञानिक एडवर्ड टेलर (Edward Teller) थे.

एडवर्ड टेलर का जन्म 1908 मे हंगरी (Hungary) मे हुआ था. उन्होंने जर्मनी मे विश्वविद्यालय स्तर की पढ़ाई करके 1935 में अमेरिका मे रक्षा शोध और अनुसंधान का काम करने मे जुट गए. हंगरी देश में हुए कम्युनिस्ट आंदोलन और जर्मनी में हिटलर की नाजी सेना को रोकने के लिए एडवर्ड महाविनाशक परमाणु बम बनाने मे लग गए थे.

अमेरिका और सोवियत संघ के परमाणु परीक्षण के बाद अभी उससे प्रभावी और खतरनाक हथियार की जरूरत इन ताकतवर मुल्कों को पड रही थी. इसी दिशा मे आगे बढ़ते हुए अमेरिका ने प्रथम इसका परीक्षण 1 नवंबर 1952 मे प्रशांत महासागर मे मौजूद प्रवाल द्वीप समूह के Enewetak के एक द्वीप पर किया गया था. उस वक्त इस परिक्षण का नाम Ivy Mike रखा गया था. इसमें करीब टीएनटी का 10.4 से 12 मेगाटन अनुमानित विस्फोटक का उत्पादन हुआ था.

इसे भी पढे: केसर इतना महंगा क्यों है और केसर के क्या फायदे है

हाइड्रोजन बम कैसे काम करता है? और यह परमाणु बम से कैसे अलग है?

हाइड्रोजन बम और परमाणु बम मे फर्क

हाइड्रोजन बम का आविष्कार किसने किया था और कब हुआ

हाइड्रोजन बम कोई परमाणु बम से अलग नहीं होता है बल्कि यह एक परमाणु बम का ही प्रकार है. नूक्लीअर एक्सपर्ट अनुसार हाइड्रोजन बम, परमाणु बम से 1,000 गुना अधिक शक्तिशाली हो सकता है. इसमे हाइड्रोजन के दोनों आइसोटोप Deuterium और Tritium का इस्तेमाल किया जाता है. इस अभिक्रिया के लिए उच्च ताप नाभिकीय विखण्डन (Nuclear fission) द्वारा उत्पन्न किया जाता है. माना जाता है की इसके फटने के मुख्य तीन चरण होते है और आखिर मे जब यह फटता है तो अद्भुत 5 लाख डिग्री सेल्सियस की गर्मी पैदा कर देता है. इसमे बम फटने के सूर्य के तापमान के बराबर ऊर्जा ऊर्जा होती है.

इसे भी पढे: भारत मे कितनी राजभाषाएं है और उनके नाम क्या है ..

परमाणु बम क्या है?

परमाणु बम को Nuclear Reaction के सम्मिलन से बनाया जा सकता है. इसमे विखंडन की प्रक्रिया होती. (वह प्रक्रिया जिसमे एक भारी नाभिक दो लगभग बराबर नाभिकों में टूट जाता हैं विखण्डन (fission) कहलाती हैं.) इसी अभिक्रिया के आधार पर बहुत से परमाणु रिएक्टर या परमाणु भट्ठियाँ बनायी गयीं हैं जो विद्युत उर्जा का उत्पादन करतीं हैं. कई हजार बम से जितनी ऊर्जा उत्पन्न हो सकती है उससे ज्यादा ऊर्जा परमाणु बम उत्पन्न कर सकता है.

difference between hydrogen bomb and nuclear bomb in hindi

हाइड्रोजन बम कौन कौन से देश के पास है

हाइड्रोजन बम का परिक्षण सबसे पहले अमेरिका, फिर रूस, चीन, फ्रांस और अभी विवाद मे घिरा नार्थ कोरिया देश कर चुका है. आज दुनिया के 9 देश थर्मोन्यूक्लियर बमों का परीक्षण कर चुके हैं. इसमे हाल ही मे उत्तर कोरिया का भी नाम शामिल किया गया है.

  1. यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका यह वो पहिला देश था जिसने  1952 में इस बम का पहला परीक्षण किया था.
  2. रूस (Russia) हाइड्रोजन बम का परीक्षण अमेरिका के तुरंत बाद रूस ने किया. अभी रूस के पास इस बॉम्ब की तकनीक और बॉम्ब दोनों भी मौजूद है.
  3. इंग्लैंड (United Kingdom)   इंग्लैंड ने Operation Grapple इस गुप्त नाम से अक्टूबर , 1957  मे इसका परीक्षण किया था.
  4. चीन (China)
  5. फ्रांस (France)
  6. भारत (India) वर्ष 1998 मे हमारे देश ने इसका परीक्षण किया था, जिसमे हम सफल रहे.
  7. इजराइल एवं 
  8. पाकिस्तान पाकिस्तान और इजराइल दोनों इस बॉम्ब के परीक्षण का दावा करते है.
  9. उत्तर कोरिया (North Korea) हाइड्रोजन बम के परीक्षण के बाद यह देश काफी विवाद मे रहा है.

इसे भी पढे: टॉप 10 दुनिया की सबसे प्राचीन भाषाएं जिसमे से दो है भारतीय

Related Posts