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साबूदाना कैसे बनता है | How to make Sabudana in Hindi

साबूदाना एक खाद्य पदार्थ है। यह छोटे मोतियों की तरह सफेद और गोल होता है। यह साबूदाना नामक पेड़ के तने से निकलने वाले चीका से बनता है। पकने पर यह थोड़ा पारदर्शी और मुलायम हो जाता है। भारत में, इसका उपयोग साबूदाना का हलवा और खिचड़ी बनाने के लिए किया जाता है। साबूदाना बनाने के प्रक्रिया के दौरान इसमें मौजूद प्रोटीन, खनिज, लवण, विटामिन और कैल्शियम को नष्ट कर देता है। केवल इसमें कार्बोहाइड्रेट बचता हैं। इससे शरीर को सिर्फ कैलोरी मिलती है। इस लेख में हम साबूदाना कैसे बनता है इसे जानेंगे।

साबूदाना कैसे बनता है | How to make Sabudana in Hindi

भारत में, साबूदाना का उपयोग ज्यादातर पापड़, खीर और खिचड़ी बनाने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग सूप और अन्य चीजों को गाढ़ा करने के लिए भी किया जाता है। भारत में लोग जब व्रत रखते हैं तो व्रत के दौरान साबूदाना बनाकर खाते हैं। सागो, ताड़ की जैसा पौधा होता है। यह पौधा मूल रूप से पूर्वी अफ्रीका का है। भारत टैपियाका के उत्पादन में अग्रणी देशों में से एक है। सलेम में लगभग 700 इकाइयां स्थित हैं।

साबूदाना कैसे बनता है

साबूदाना का उत्पादन पहली बार भारत में लगभग 1943-44 में तमिलनाडु के सेलम में कुटीर उद्योग के रूप में किया गया था। इसमें टैपियाका की जड़ों को पहले कुचलकर छान लिया जाता है और इसके दूध को छानकर जमने दिया जाता है। फिर वे छोटे-छोटे गोले बनाकर बेक करते थे, इस तरह साबूदाना बनता है। भारत में, साबूदाना केवल टैपिओका जड़ से बनाया जाता है, जिसे “कसावा” और मलयालम में “कप्पा” कहा जाता है।

साबूदाने में कार्बोहाइड्रेट की प्रधानता होती है और इसमें कुछ मात्रा में कैल्शियम और विटामिन सी भी होता है। साबूदाना की कई किस्में बाजार में उपलब्ध हैं, उनके नाम बदल जाते हैं और गुण बदल जाते हैं यदि उनकी तैयारी की गुणवत्ता अलग हो जाती है, अन्यथा यह एक ही प्रकार का होता।

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