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भारत में कुल बैंक की संख्या: कार्यरत सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों की सूची

भारत में कुल बैंक की संख्या: कार्यरत सभी बैंकों की सूची। हमारे भारत देश आधुनिक बैंकिंग का इतिहास दो सौ वर्ष पुराना है। भारत में आधुनिक बैंकिंग की शुरुआत ब्रिटिश काल में हुई। 19वीं शताब्दी के शुरुवाती में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने 3 बैंकों की शुरुआत की। जिसमे 1806 में बैंक ऑफ बंगाल, 1840 में बैंक ऑफ बॉम्बे  और 1843 में बैंक ऑफ मद्रास शामिल थी। लेकिन बाद में इन तीनों बैंको का विलय ‘इंपीरियल बैंक’ में कर दिया गया। जिसे वर्ष 1955 में भारत सरकार ने ‘भारतीय स्टेट बैंक’ में विलय कर दिया।

 इलाहाबाद बैंक भारत का पहला निजी बैंक था। भारतीय रिजर्व बैंक सन 1935 में स्थापित किया गया था और बाद में पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ़ इंडिया, केनरा बैंक और इंडियन बैंक स्थापित हुए। भारत में प्रारम्भ में बैंकों की शाखायें और उनका कारोबार वाणिज्यिक केन्द्रों तक ही सीमित होती थी। बैंक अपनी सेवायें केवल वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को ही उपलब्ध कराते थे। स्वतन्त्रता से पूर्व देश के केन्द्रीय बैंक के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक ही सक्रिय था। जबकि सबसे प्रमुख बैंक इम्पीरियल बैंक ऑफ इण्डिया था। उस समय भारत में तीन तरह के बैंक कार्यरत थे – भारतीय अनुसूचित बैंक, गैर अनुसूचित बैंक और विदेशी अनुसूचित बैंक।

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भारत में बैंकों का राष्ट्रीयकरण

भारत में बैंकों का राष्ट्रीयकरण

भारत स्वतंत्र होने के बाद वर्ष 1949 में भारतीय रिजर्व बैंक का राष्ट्रीयकरण किया गया। इसके कुछ वर्षों के बाद सन 1955 में इंम्पीरियल बैंक ऑफ इण्डिया का भी राष्ट्रीयकरण किया गया और जिसे आज हम भारतीय स्टेट बैंक के नाम से जानते है। आगे चलकर वर्ष 1959 में भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम बनाकर आठ क्षेत्रीय बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया। वर्तमान में ये आठों बैंक भारतीय स्टेट बैंक समूह के बैंक कहे जाते हैं। इन आठों बैंकों के नाम – स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एण्ड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ इन्दौर, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ ट्रावणकोर इत्यादि हैं। देशभर में इनकी लगभग 15,000 से ज्यादा शाखायें हैं।

देश के प्रमुख चौदह बैंकों का राष्ट्रीयकरण 19 जुलाई सन् 1969 को किया गया। ये सभी वाणिज्यिक बैंक थे। इसी तरह 15 अप्रैल सन 1980 को निजी क्षेत्र के छ: और बैंक राष्ट्रीयकृत किये गये। इन सभी बीस बैंकों की शाखायें देशभर में फैली हैं। भारत में वर्तमान में कुल 12 राष्ट्रीयकृत सार्वजनिक बैंक हैं।

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निजी और सहकारी क्षेत्र के भारतीय बैंक

भारतीय रिजर्व बैंक ने जनवरी, 1993 में तेरह नये घरेलू बैंकों को बैंकिंग गतिविधियां शुरू करने की अनुमति दी। इनमें प्रमुख हैं यू.टी.आई., इण्डस इण्डिया, आई.सी.आई.सी.आई., ग्लोबल ट्रस्ट, एचडीएफसी तथा आई.डी.बी.आई.। देश में लगभग पाँच सौ सहकारी क्षेत्र के बैंक भी बैंकिंग गतिविधियों में सलग्न हैं। देशी बैंकों के साथ अमेरिकी, यूरोपीय तथा एशियायी देशों की बैंकें भी भारत में अपनी शाखायें खोलकर कारोबार कर रही हैं। इनकी शाखायें महानगरों तथा प्रमुख शहरों तक ही सीमित हैं। देश में ग्रामीण बैंकों का बड़ा संजाल फैलाया गया है। देश में लघु बैंकिंग कारोबार में इन ग्रामीण बैंकों की बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है।

भारत में कुल बैंक की संख्या: कार्यरत सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों की सूची

भारत में कुल बैंक की संख्या: कार्यरत सभी बैंकों की सूची

केंद्रीय बैंक

  1. भारतीय रिजर्व बैंक – भारत का केंद्रीय बैंक

अनुसूचित बैंक (भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक)

  1. बैंक ऑफ इंडिया
  2. देना बैंक
  3. आईडीबीआई बैंक
  4. इंडियन बैंक
  5. ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स
  6. पंजाब नेशनल बैंक
  7. यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया
  8. यूको बैंक
  9. इलाहाबाद बैंक
  10. आंध्रा बैंक
  11. बैंक ऑफ बड़ौदा
  12. बैंक ऑफ महाराष्ट्र
  13. केनरा बैंक
  14. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
  15. कॉर्पोरेशन बैंक
  16. इंडियन ओवरसीज बैंक
  17. सिंडिकेट बैंक
  18. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
  19. विजया बैंक
  20. पंजाब एण्ड सिंध बैंक
  21. भारतीय स्टेट बैंक

भारत में निजी बैंक की सूची

  1. आईसीआईसीआई बैंक* (एचडीएफसी बैंक)
  2. ऐक्सिस बैंक
  3. कोटक महिंद्रा बैंक
  4. यस बैंक
  5. फेडरल बैंक
  6. साउथ इंडियन बैंक

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