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Benefits of Giloy: गिलोय खाने के टॉप 5 फायदे

Health Benefits of Giloy in Hindi: गिलोय एक प्रकार की बेल है। आयुर्वेद के अनुसार गिलोय की बेल जिस पेड़ पर चढ़ती है उसके गुणों को भी सोख लेती है इसलिए नीम के पेड़ पर चढ़ी गिलोय की बेल औषधि की दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। गिलोय में एक ग्लूकोसाइड होता है जिसे गिलोइन और टिनोस्पोरिन, पाल्मेरिन और टिनोस्पोरिक एसिड कहा जाता है। इसके अलावा गिलोय में तांबा, लोहा, फास्फोरस, जस्ता, कैल्शियम और मैंगनीज भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इस लेख में हम, गिलोय खाने के फायदे क्या है जानेंगे।

आयुर्वेद के अनुसार गिलोय के पत्ते, जड़ और तना तीनों भाग सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं, लेकिन गिलोय के तने या डंठल का इस्तेमाल बीमारियों के इलाज में सबसे ज्यादा किया जाता है। गिलोय में एंटीऑक्सीडेंट बहुत अधिक मात्रा में पाए जाते हैं, साथ ही इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और कैंसर-रोधी गुण होते हैं। तो चलिए, Giloy Khane Ke Fayde क्या है जानते है।

गिलोय के फायदे

गिलोय नीम, आम के पेड़ के आसपास भी पाया जाता है। जिस वृक्ष पर यह अपना आधार बनाती है, उसके गुण भी उसमें सम्मिलित होते हैं। इस दृष्टि से नीम पर गिलोय सबसे उत्तम औषधि मानी जाती है। औषधीय गुणों के आधार पर नीम के पेड़ पर चढ़ी गिलोय को सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि जिस पेड़ पर गिलोय की बेल चढ़ती है, वह उस पेड़ के सभी गुणों को सोख लेती है।

गिलोय खाने के फायदे

1. इम्युनिटी बढ़ाता है

गिलोय को इम्युनिटी बूस्टर भी कहा जाता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करता है। आपके शरीर को वायरस से होने वाली बीमारियों से बचाता है। इसमें पाए जाने वाले औषधीय गुण आपको सर्दी-जुकाम से भी बचाते हैं। अगर आपको सर्दी-जुकाम हो गया है तो गिलोय के डंठल को तुलसी के पत्तों के साथ एक बर्तन में पानी के साथ गर्म कर लें। ऐसा करने से सर्दी-खांसी में आराम मिलता है।

2. पीलिया के मरीजों के लिए फायदेमंद

पीलिया के मरीजों के लिए गिलोय काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। पीलिया से पीड़ित लोगों को गिलोय के पत्तों का रस पिलाने से आराम मिलता है। गिलोय के सेवन से पीलिया में होने वाले बुखार और दर्द में भी आराम मिलता है। पलिया के रोगी को सबसे पहले गिलोय के पत्तों को तोड़ देना चाहिए। इसके बाद पत्तों को मिक्सर में अच्छे से पीस लें। इसके बाद इसका सेवन करें।

3. खून की कमी को दूर करता है

एक रिपोर्ट अनुसार, गिलोय में ग्लूकोसाइड और टिनोस्पोरिन, पाल्मेरिन और टिनोस्पोरिक एसिड प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं। ये गुण शरीर में खून की कमी को दूर करने में मददगार होते हैं। इसलिए एनीमिया के मरीजों को गिलोय का सेवन लगातार करते रहना चाहिए। गिलोय का जूस शरीर में टिनोस्पोरिक एसिड की कमी को पूरा करता है। इसलिए गिलोय के हरे डंठल को जूसर में पीसकर सेवन करना चाहिए।

4. अस्थमा के मरीजों के लिए फायदेमंद

गिलोय में एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं। विरोधी भड़काऊ तत्व सासों की समस्याओं में राहत देता है। गिलोय अवांछित कफ को नियंत्रित करने का काम करता है। यह फेफड़ों को साफ रखने में भी मदद करता है। फेफड़ों को स्वस्थ रखने का काम करता है। इसलिए अस्थमा के रोगियों को गिलोय के सूखे डंठल का प्रयोग करना चाहिए।

5. डेंगू से बचाता है

कोरोना से पहले गिलोय का इस्तेमाल डेंगू के मरीज करते थे। डेंगू के दौरान मरीज का शरीर गर्म होने लगता है। गिलोय में मौजूद ज्वरनाशक तत्व बुखार के रोगी के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। जिससे डेंगू के मरीज को जल्द ही राहत मिल जाती है। डेंगू के मरीजों ने सबसे पहले गिलोय के हरे तने को काट लें। इसके बाद इसे अच्छे से धो लें और इसे किसी बर्तन में तब तक उबालें जब तक कि पानी का रंग हरा न हो जाए. इसके बाद कप में पानी को छान लें। फिर इसका सेवन करें।

हे सुद्धा वाचा –

अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है। कृपया इसे अपनाने से पहले किसी विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लें।

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