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फीचर लेखन क्या है

फीचर संरचना के इस चरण में, समझाए गए मुख्य विषय की समीक्षा की जाती है। इस भाग में फीचर लेखक अपने विषय को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत करते हुए पाठकों की समस्त जिज्ञासाओं को दूर करते हुए फीचर को समाप्त करता है। साथ ही वह पाठकों के लिए अनुत्तरित कुछ प्रश्नों को छोड़ भी सकता है और पाठकों के कुछ नए विचारों को सामने रख सकता है ताकि पाठक उन पर विचार करने के लिए विवश हो सके। इस लेख में हम, फीचर लेखन क्या है (What is Feature Writing) या फीचर लेखन किसे कहते हैं जानेंगे।

फीचर लेखन क्या है (What is Feature Writing)

फीचर लेखन क्या है (What is Feature Writing)

फीचर समाचार पत्रों में प्रकाशित होने वाली किसी विशेष घटना, व्यक्ति, जीव-जन्तु, तीज-त्योहार, दिन, स्थान, प्रकृति-परिवेश से संबंधित व्यक्तिगत अनुभूतियों पर आधारित कल्पनाशीलता और सृजनात्मक कौशल के साथ मनोरंजक और आकर्षक शैली में प्रस्तुत विशिष्ट आलेख होता है।

फीचर को अंग्रेजी शब्द ‘Feature’ के पर्याय के रूप में फीचर कहा जाता है। हिंदी में रूपक शब्द का प्रयोग फीचर के लिए किया जाता है, लेकिन फीचर के लिए हिंदी में फीचर शब्द का प्रयोग अक्सर किया जाता है। एक फीचर का सामान्य अर्थ है – किसी विषय से संबंधित विषय पर प्रकाशित लेख। लेकिन यह लेख संपादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित आलोचनात्मक लेखों की तरह समीक्षा लेख नहीं है।

फीचर लेखन से आशय है की वह कितनी रोचक, सूचनात्मक और उत्तेजक लेखन है। इसलिए, फीचर की विषय वस्तु सामयिक, प्रासंगिक और समकालीन होनी चाहिए। यानी फीचर का विषय ऐसा होना चाहिए जो जनहित का हो, लोगों को छू जाए, पाठकों में जिज्ञासा जगाए और कुछ नई जानकारी दे.

फीचर के विषय पर निर्णय लेने के बाद, दूसरा महत्वपूर्ण कदम विषयगत सामग्री का संकलन है। किसी विषय पर लिखी गई विशेषता उचित ज्ञान और अनुभव के अभाव में उबाऊ हो सकती है। उपलब्ध पुस्तकों, विषय से संबंधित पत्रिकाओं से सामग्री एकत्र करने के अलावा, फीचर लेखक को लोगों से मिलकर, कई जगहों पर जाकर बहुत सारी सामग्री एकत्र करनी पड़ सकती है।

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