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Echo Test क्या होता है | इको टेस्ट कैसे किया जाता है

डॉक्टर कई कारणों से Echo Test या Echocardiogram का आदेश दे सकते हैं। उदाहरण के लिए, स्टेथोस्कोप के माध्यम से मरीज के दिल की धड़कन को सुनते समय डॉक्टर ने असामान्यता का पता लगाया हो। इसके साथ, अगर मरीज में दिल की अंदरूनी समस्याएं जैसे सीने में दर्द या सांस लेने में तकलीफ के लक्षण दिख रहे हैं तो आपका डॉक्टर Echo Test या इकोकार्डियोग्राम का आदेश दे सकता है। इस लेख में हम Echo Test क्या होता है और इको टेस्ट कैसे किया जाता है जानेंगे।

Echo Test क्या होता है

Echo Test क्या होता है

Echo Test, एक ऐसा टेस्ट है जो मरीज के दिल की धड़कन और ब्लड पंप को देखने में मदद करता है। हृदय रोग का निदान करने के लिए डॉक्टर इकोकार्डियोग्राम से छवि का उपयोग कर सकते हैं। इको टेस्ट में मरीज के दिल की तस्वीर बनाने के लिए ध्वनि तरंगों का इस्तेमाल किया जाता है।

Echo Test कैसे किया जाता है

Echo Test या Echocardiogram कराने में एक घंटे से भी कम समय लगता है, लेकिन आपकी मौजूदा स्थिति के आधार पर समय भिन्न लग सकता है। यह टेस्ट डॉक्टर के क्लिनिक या अस्पताल में किया जा सकता है। टेस्ट कराने से पहले कमर के ऊपर के कपड़े उतारकर आपको टेबल या बेड पर लेटना पड़ता है। तकनीशियन आपके शरीर में चिपचिपा पैच (Electrodes) अटैच करता है, जो आपके दिल को विद्युत धाराओं का पता लगाने और संचालित करने में मदद करता है।

टेस्ट के दौरान, मॉनिटर पर छवि को बेहतर ढंग से देखने के लिए डॉक्टर या तकनीशियन प्रकाश को कम कर सकते हैं। डॉक्टर या सहायक आपकी छाती पर एक विशेष जेल लगाते हैं, जो ध्वनि तरंगों को नियंत्रित करता है और आपकी त्वचा और ट्रांसड्यूसर के बीच की हवा को हटा देता है। यह एक छोटा, प्लास्टिक उपकरण है जो ध्वनि तरंगें भेजता है और उनसे डेटा प्राप्त करता है।

इस टेस्ट के दौरान, डॉक्टर या सहायक ट्रांसड्यूसर को आपकी छाती के आगे-पीछे करता है। ध्वनि तरंगें (Sound waves) मॉनिटर पर आपके दिल की छवियां बनाती हैं, जिन्हें आपके डॉक्टर द्वारा समीक्षा के लिए रिकॉर्ड किया जाता है।

Transesophageal Echocardiogram Test

यदि आप ‘Transesophageal Echocardiogram Test’ करवा रहे हैं, तो एक सुन्न करने वाले स्प्रे आपको लगाया जाता है, जिससे आपका गला सुन्न होता है, ताकि ट्रांसड्यूसर को आराम से ग्रासनली में डाला जा सके। किसी भी तरह की परेशानी न हो इसके लिए गहरी नींद की दवा भी दी जाती है।

यदि आपके इको टेस्ट पर, इकोकार्डियोग्राम (Echocardiogram) सामान्य है, तो किसी और टेस्ट की आवश्यकता नहीं हो सकती है। यदि टेस्ट में कोई समस्या दिखाई देती है, तो आपको संबंधित विशेषज्ञ के पास भेजा जाता है।

इको टेस्ट से क्या पता चलता है

इको टेस्ट में मरीज का दिल कैसा है, दिल की पंपिंग पावर कैसी है, हार्ट वॉल्व ठीक से काम कर रहा है या नहीं, ब्लड लीक हो रहा है क्या, हार्ट वॉल्व के आसपास ट्यूमर है या इंफेक्शन ग्रोथ है, यह सब पता चलता है।

इको टेस्ट के क्या फायदे हैं

इको टेस्ट में मरीज के दिल के बाहरी हिस्से (Pericardium) की समस्याओं का पता लगाया जाता है। इस टेस्ट में रोगी के हृदय के कक्षों के बीच असामान्य छेद और रक्त के थक्कों (Blood clot) का पता लगाया जाता है।

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