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दूध में पानी मिला सकते हैं तो तेल में क्यों नहीं

दूध, तेल और पानी तीन और तरल पदार्थ हैं। हम सभी जानते हैं कि दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए उसमें पानी मिलाया जाता है। पानी और दूध आपस में इस तरह मिल जाते हैं कि पता ही नहीं चलता। एक बार मिलाने पर दोनों को अलग करना मुश्किल है लेकिन दूध की तरह तेल की मात्रा बढ़ाने के लिए पानी नहीं डाला जाता है। आइए जानें कि क्या कारण है जब दूध में पानी मिला सकते हैं तो तेल में क्यों नहीं

दूध में पानी मिला सकते हैं तो तेल में क्यों नहीं

दूध में पानी मिला सकते हैं तो तेल में क्यों नहीं

यह बिल्कुल सत्य है कि दूध, तेल और जल तीनों द्रव्य हैं और इसके अनुसार इन तीनों को आपस में मिलाया जा सकता है। आप दूध में पानी मिला सकते हैं, तेल में पानी मिला सकते हैं या दूध में तेल मिला सकते हैं, लेकिन यह संभव नहीं है क्योंकि तीनों तरल होने के बावजूद तेल और दूध में बहुत अंतर होता है। यह अंतर घनत्व का है। तेल का घनत्व 910-930 के बीच होता है। जबकि पानी का औसत घनत्व 997 और दूध का 1000 है।

हम पहले से ही जानते हैं कि जिस चीज का घनत्व पानी से ज्यादा होता है, वह पानी के नीचे चली जाती है और जिसका घनत्व पानी से कम होता है, वह पानी पर तैरती है। यह एक ही आकार की लकड़ी और पत्थर के बीच का अंतर है। लकड़ी का घनत्व कम होता है इसलिए यह पानी पर तैरती है और पत्थर का घनत्व अधिक होता है इसलिए यह डूब जाता है।

अगर आप तेल में पानी मिला कर किसी बोतल में भर कर ज्यादा देर तक हिलाते रहें तो भी दोनों मिक्स नहीं होंगे। जैसे ही पानी ठंडा होगा, इसके ऊपर तेल आ जाएगा। दूध के मामले में भी ऐसा ही होता है। 1000 से अधिक घनत्व वाले दूध में पानी की एक परत ऊपर तैरती है लेकिन पानी पारदर्शी होता है इसलिए दिखाई नहीं देता और फिर जब भी दूध वाला भाई दूध देता है तो बड़ी चतुराई से हाथ मिला कर पानी और दूध मिला देता है।

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