Menu Close

डोडा पोस्त क्या होता है

अगर आप डोडा पोस्त क्या होता है नहीं जानते तो हम इसके बारे में सभी जानकारी देने जा रहे है। पोस्त या पोस्ता ​​एक फूल वाला पौधा है। इसकी खेती मुख्य रूप से भारत, चीन, तुर्की आदि देशों में की जाती है। भारत में पोस्ते की फसल उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में बोई जाती है। पोस्ते की खेती और व्यवसाय करने के लिए सरकार के आबकारी विभाग से अनुमति लेना आवश्यक है। पोस्त के पौधे से अहीफेन यानि अफीम निकलती है, जो नशीला होता है।

डोडा पोस्त क्या होता है

डोडा पोस्त क्या होता है

अफीमवाले पोस्ते के फूल लाल या बहुत हल्के बैंगनी या सफेद रंग के होते हैं, इसी के फल को डोडा पोस्त कहा जाता है। डोडा पोस्ता नामक फल चिकना और अंडाकार होता है। खसखस की अन्य प्रजातियां, जो फूलों के लिए लगाई जाती हैं, शर्ली पॉपपी कहलाती हैं। खसखस का पौधा लगभग 60 सेमी ऊँचा होता है। फूल सफेद, लाल, बैंगनी और पीले होते हैं, इस प्रकार विभिन्न रंगों के होते हैं।

पोस्त मुख्य रूप से अफीम के लिए बोया जाता है। कच्चे डोडे पर धारदार चाकू से धारियाँ बनाने पर एक प्रकार का दूध प्राप्त होता है जो सूखने पर खुरच कर गाढ़ा हो जाता है। यह अफीम है। सूखे पोस्त ​​के छिलके को डोडा कहते हैं, जिसे पानी में भिगोकर बचा हुआ अफीम का अर्क घोलकर निकाल लिया जाता है। इसमें से मॉर्फिन और कोडीन निकाला जाता है, जिसका इस्तेमाल दवाओं में किया जाता है। अफीम में आम तौर पर 8 से 13 प्रतिशत मॉर्फिन होता है, अधिकतम 22.8 प्रतिशत। एक एकड़ भूमि से लगभग 25 सेर अफीम निकलती है।

कई देशों में इसके बीजों के लिए पोस्त की खेती की जाती है, जिसे पोस्तदाना ​​या खसखस ​​कहा जाता है। बीज सफेद या काले रंग के होते हैं। इनमें तेल की मात्रा 40 से 60 प्रतिशत के बीच होती है। खाने में तेल का प्रयोग किया जाता है। इसके बीज मिठाई, ठंडाई आदि बनाने में उपयोगी होते हैं। डोडा पोस्त में कोई नशा नहीं होता है। इसे औषधीय भी माना जाता है और खसखस ​​अपने पौष्टिक गुणों के कारण लोकप्रिय है।

यह भी पढ़े –

Related Posts