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डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन कैसे करें | कोर्स, यूनिवर्सिटीज, फायदे और नुकसान

आज भी भारत में कई छात्र ऐसे हैं जो 12वीं के बाद अपनी आगे की शिक्षा जारी नहीं रख सकते हैं। कई छात्र 12वीं के बाद काम करना शुरू कर देते हैं और अपने परिवार को आर्थिक मदद देते हैं। इसके साथ ही कई ऐसे छात्र भी हैं जिन्होंने अपने आसपास कॉलेज न होने के कारण आगे की पढ़ाई नहीं की और अगर किसी की शादी हो गई तो उन्होंने भी पढ़ाई बंद कर दी। इनमें से कई लोग आज पढ़ना चाहते हैं, और वे Distance Learning से Graduation करना चाहते हैं। इस लेख में हम, Distance Learning Education क्या है और डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन कैसे करें जानेंगे।

डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन कैसे करें | कोर्स, यूनिवर्सिटीज, फायदे और नुकसान

Distance Learning Education क्या है

दूरस्थ शिक्षा जिसे अंग्रेजी में Distance Learning Education कहा जाता है, यह स्कूल और कॉलेज से दूर रहकर शिक्षा और डिग्री हासिल करने का उपक्रम है। डिस्टेंस लर्निंग के तहत, छात्र को हर दिन कक्षाएं लेने की आवश्यकता नहीं होती है। छात्र अपने घर पर ही पढ़ सकते हैं, और छात्रों को कॉलेज, स्कूल जाने की जरूरत नहीं है, उन्हें केवल और केवल परीक्षा के दौरान जाना है।

डिस्टेंस लर्निंग में विद्यार्थी को अध्ययन के लिए नियमित रूप से किसी संस्थान में जाने की आवश्यकता नहीं होती है। सभी पाठ्यक्रमों के लिए कक्षाओं की संख्या निश्चित है और उन्हें देश भर के कई केंद्रों पर पढ़ाया जाता है। सूचना क्रांति और इंटरनेट के कारण डिस्टेंस लर्निंग अधिक आसान और प्रासंगिक हो गई है। विजुअल क्लासरूम लर्निंग, इंटरेक्टिव ऑनसाइट लर्निंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए छात्र देश के किसी भी राज्य में घर से पढ़ाई कर सकते हैं।

डिस्टेंस लर्निंग में छात्र अपनी आवश्यकता के अनुसार अपना अध्ययन कार्यक्रम स्वयं बना सकते हैं। डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से पढ़ाई की फीस काफी कम होती है। यहां काम के साथ-साथ पढ़ाई भी की जा सकती है। कम अंक आने पर भी मनचाहे कोर्स में एडमिशन मिल जाता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस कोर्स में किसी भी कोर्स के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है।

डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन कैसे करें

अगर आप 12वीं पास हैं तो आप किसी भी कॉलेज से आवेदन कर सकते हैं, जिसमें डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन की सुविधा हो। ग्रेजुएशन करने के लिए आपको डिस्टेंस एजुकेशन इंस्टीट्यूट कॉलेज में अपना नाम लिखना होता है, तभी आप ग्रेजुएशन कोर्स कर सकते हैं। ग्रेजुएशन कोर्स करने के लिए आप ऑफलाइन या ऑनलाइन आवेदन करके अपना एडमिशन ले सकते हैं। एडमिशन के लिए डाक्युमेन्ट में कॉलेज 12वीं की मार्कशीट और आधार कार्ड मांग सकते हैं। हालांकि, आवेदन की प्रक्रिया में ज्यादा डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं होती हैं।

कई लोगों को लगता है कि डिस्टेंस लर्निंग ग्रेजुएशन बाकी नॉर्मल ग्रेजुएशन के बराबर नहीं है, तो यह गलत हैं। आज के समय में दोनों बराबर हैं। सबसे अच्छी बात डिस्टेंस लर्निंग में ये होती है की लोगों को पढ़ाई करने फ़ौर डिग्री हासिल करने का एक आसान मौका मिल जाता है। अगर आप डिस्टेंस लर्निंग ग्रेजुएशन करते हैं, तो आपको इसमें बहुत फायदा होता है कि आपको हमेशा कॉलेज जाने की जरूरत नहीं होती है। आपका समय भी बर्बाद नहीं होता है और आप अपनी आगे की पढ़ाई घर बैठे ऑनलाइन पूरी कर सकते हैं।

डिस्टेंस लर्निंग एजुकेशन में कौन से कोर्स होते हैं

डिस्टेंस लर्निंग एजुकेशन में कई प्रकार के पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • B.A. (Bachelor of Arts)
  • B.Com. (Bachelor of Commerce)
  • B.Sc Nursing (Bachelor of Science in Nursing)
  • B.Sc. (Bachelor of Science)
  • BMS (Business Management Studies)
  • B.Ed. (Bachelor of Education)
  • BBA (Bachelor of Business Administration)
  • BCA (Bachelor of Computer Application)
  • B. Pharma (Bachelor of Pharmacy)
  • B.Tech (Bachelor in Technology)

भारत के डिस्टेंस लर्निंग ग्रेजुएशन के लिए टॉप यूनिवर्सिटीज

  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विश्वविद्यालय
  • यशवंतराव चव्हाण महाराष्ट्र विश्वविद्यालय
  • महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय
  • भोज मुक्त विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय मध्य प्रदेश
  • कर्नाटक राज्य मुक्त विश्वविद्यालय
  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस विश्वविद्यालय
  • डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय
  • तमिलनाडु ओपन यूनिवर्सिटी

डिस्टेंस लर्निंग ग्रेजुएशन के फायदे

  1. डिस्टेंस लर्निंग ग्रेजुएशन के साथ आप जितना समय बचाते हैं, उस समय में आप कहीं भी नौकरी कर सकते हैं।
  2. डिस्टेंस लर्निंग ग्रेजुएशन करके आपको हमेशा अपने कॉलेज जाने की जरूरत नहीं है।
  3. डिस्टेंस लर्निंग ग्रेजुएशन भी आपका समय बचाता है।
  4. जो रेगुलर क्लास करते हैं उनकी फीस ज्यादा होती है और जो डिस्टेंस लर्निंग ग्रेजुएशन करते हैं उनकी फीस कम होती है।
  5. ग्रेजुएशन की पढ़ाई आप घर बैठे ऑनलाइन कर सकते हैं।

डिस्टेंस लर्निंग ग्रेजुएशन के नुकसान

  • लोग डिस्टेंस लर्निंग ग्रेजुएशन सिर्फ डिग्री के लिए करते हैं, उन्हें नई चीजें सीखने में ज्यादा मजा नहीं आता।
  • आप रोजाना क्लास करके अच्छी तरह से पढ़ाई कर सकते हैं, उसी तरह आप डिस्टेंस लर्निंग में अच्छा नहीं कर सकते।
  • दैनिक कक्षाएं अध्ययन कार्यक्रम को अक्षुण्ण रखती हैं और डिस्टेंस लर्निंग अध्ययन कार्यक्रम को बाधित करती है।
  • अगर हम रोजाना क्लास करते हैं तो हम अपने मन में किसी भी संदेह को अपने शिक्षक से दूर कर सकते हैं लेकिन डिस्टेंस लर्निंग में यही समस्या है।
  • इसमें आपका ध्यान पढ़ाई में कम या पैसे कमाने में ज्यादा लगने लगता है और आप धीरे-धीरे पढ़ाई से दूर होने लगते हैं।

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