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सीजफायर क्या होता है

1947 के भारत-पाकिस्तान युद्ध को समाप्त करते हुए, 1 जनवरी 1949 को भारत और पाकिस्तान के बीच संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता वाले Ceasefire पर सहमति बनी थी। इस लेख में हम, सीजफायर का मतलब क्या होता है जानेंगे।

सीजफायर का मतलब क्या होता है

सीजफायर क्या होता है

सीजफायर का मतलब, एक युद्ध पर अस्थायी रोक है, जिसमें प्रत्येक पक्ष युद्ध को स्थगित करने के लिए एक दूसरे के साथ सहमत होता है। Ceasefire को औपचारिक संधि के हिस्से के रूप में घोषित किया जा सकता है। सीजफायर आमतौर पर व्यापक युद्धविराम की तुलना में अधिक सीमित होता है, जो लड़ाई को समाप्त करने के लिए एक औपचारिक समझौता है। आसान शब्दों में, सीजफायर एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें देश या लोगों के समूह जो एक-दूसरे से लड़ रहे हैं, लड़ाई बंद करने के लिए सहमत होते हैं।

सीजफायर किसी युद्ध में लड़ रहे पक्षों के बीच आपसी समझौते से लड़ाई को रोकने को कहा जाता है। यह जंग रुकावट स्थायी या अस्थायी हो सकती है। अक्सर Ceasefire पार्टियों के बीच एक औपचारिक संधि का हिस्सा होता है, लेकिन यह अनौपचारिक रूप से पक्षों के समझौते पर हस्ताक्षर किए बिना भी हो सकता है। सीजफायर को हिन्दी में – युद्धविराम, अवहार या जंगबंदी कहते हैं।

अक्सर दोनों पक्षों के बीच किसी न किसी युद्ध के बाद दोनों इस स्थिति में पहुंच जाते हैं कि किसी के लिए भी पूरी तरह से जीतना असंभव लगता है, लेकिन वे पूरी तरह से समझौता करने को भी तैयार नहीं होते हैं। ऐसे में दोनों के बीच अक्सर सीजफायर होता है और जहां इनकी सेनाएं भिड़ती हैं, वही इनकी असली आपसी सीमा बन जाती है।

हालांकि, एक या दोनों पक्ष इसे वैध सीमा के रूप में स्वीकार करने के लिए सहमत नहीं हैं। ऐसी सीमाओं को संघर्षविराम रेखा (Ceasefire line) कहा जाता है। उदाहरण के लिए, उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच युद्ध औपचारिक रूप से कभी समाप्त नहीं हुआ है। लेकिन 1953 में उनके बीच एक युद्धविराम रेखा बन गई और वही उनकी आपसी सीमा के रूप में जारी है।

1965 के युद्ध के बाद कश्मीर क्षेत्र में भारत और पाकिस्तान के बीच की सीमा को युद्धविराम रेखा भी कहा जाता था। लेकिन 1971 के युद्ध शिमला समझौते के बाद इसे नियंत्रण रेखा (Line of Control) कहा जाने लगा।

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