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CBI और CID क्या है? सीआईडी और सीबीआई में अंतर जानिए

CBI क्या है? CID क्या है? और सीआईडी और सीबीआई में अंतर क्या? दरसल, जब भी हम सभी CID (सीआईडी) और CBI (सीबीआई) का जिक्र सुनते है, तब जानकारी के अभाव मे दोनों डिपार्टमेंट मे फर्क करना भूल जाते है. या हो सकता है आपको दोनों मे से कोई एक डिपार्टमेंट के बारे मे पता हो. लेकिन अगर आप सीबीआई और सीआईडी क्या है नहीं जानते, तो हमने इसपर आपके लिए विस्तृत जानकारी इकट्ठा की है. जिसे हम आपके सामने रखेंगे. हमने मौजूदा जानकारी आपके साथ आसान और सरल भाषा मे साझा करने की कोशिश की है.

हम जब भी टीवी देखते है उनमे ज्यादातर न्यूज से लेकर टीवी सीरियल तक इन दोनों जांच एजेंसी का जिक्र होता है. न्यूज चैनल की डिबेट मे आपने कई बार नेतावों के मुह से सीबीआई का जिक्र सुन होगा. जबकि CID सीआईडी यह हिन्दी मालिक काफी सालों से टीवी पर लोकप्रिय रही है. सीआईडी सीरियल के इंस्पेक्टर दया और ACP प्रदयुमन के पात्र सामान्य लोगों मे काफी मशहूर है.

CBI और CID क्या है? सीआईडी और सीबीआई में अंतर जानिए

CID क्या है

लेकिन हम वास्तविक वह डिपार्टमेंट के बारे मे आपको बताने जा रहे है, जो देश के कानून व्यवस्था का एक हिस्सा है. सीआईडी CID का Full Form, Criminal Investigation Department होता है. इसे हिन्दी मे अपराध जांच विभाग कहा जाता है. ब्रिटिश सरकार ने इसे 1902 मे पुलिस डिपार्टमेंट के खास मामलों को देखने के लिए बनवाया था. यह डिपार्टमेंट राज्य स्तर पर काम करता है, जो हत्या, आपराधिक साजिश, दंगे, अपहरण जैसे कुछ विशेष मामलों को देखते है. इस डिपार्टमेंट पर नियंत्रण राज्य सरकार का होता है.

हर राज्य मे अलग अलग सीआईडी डिपार्टमेंट होता है, जो सिर्फ राज्यों के कानूनी अपराधों पे जांच करता है. इसमे शामिल पुलिस के जवान विशेष तौर ट्रेन होते है. सीआईडी को किसी भी मामलों की जांच करने का आदेश राज्य सरकार या फिर हाई कोर्ट दे सकता है. इस सीआईडी का हेड डायरेक्टर जनरल रैंक का अधिकारी होता है. इस डिपार्टमेंट मे आधुनिक कंप्युटर सेक्शन, लॉ एण्ड रिसर्च सेक्शन और फिंगरप्रिन्ट ब्यूरो जैसे खास विभाग होते है. जो आपराधिक गतिविधियो की जांच के अलावा आपराधिक तत्वों पर नजर भी रखते है.

CBI क्या है

CBI (सीबीआई) का Full Form, Central Bureau of Investigation होता है. जिसे हिन्दी मे केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो कहते है. सीबीआई भारत सरकार की प्रमुख जांच एजेंसी है. जो देश के आपराधिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के भिन्न भिन्न मामलों की जांच करता है. भारत मे राजनीतिक कारणों से सालों से यह डिपार्टमेंट काफी विवाद का हिस्सा बना रहा है. जिस किसी राजनीतिक पक्ष की केंद्र मे सरकार होती है उनपर विरोध पक्ष नेता सीबीआई का गलत इस्तेमाल का आरोप लगाती है. यह क्रिया बरसों से आजतक चलती आ रही है.

केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो इस विशेष पुलिस प्रतिष्ठान का निर्माण वर्ष 1941 मे ब्रिटिश काल मे हुआ. उस समय मे हूए द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारतीय युद्ध और आपूर्ति विभाग मे हुए भ्रष्टाचार और घूसखोरी की जांच का जिम्मा इस एजेंसी पर था. बाद मे युद्ध समाप्ति के बाद केंद्र सरकार के कर्मचारी द्वारा भ्रष्टाचार और घूसखोरी जैसे मामलों की जांच करने के लिए इस डिपार्टमेंट को कायम रखा.

इस विशेष पुलिस प्रतिष्ठान को इसका लोकप्रिय ‘केन्‍द्रीय अन्‍वेषण ब्‍यूरो’ नाम गृह मंत्रालय द्वारा 1 अप्रैल 1963 को मिला. सीबीआई का हेड सीबीआई डायरेक्टर होता है जो पुलिस महानिदेशक या पुलिस (राज्य) के आयुक्त के रैंक का एक आईपीएस अधिकारी होता है. निदेशक सीवीसी अधिनियम 2003 के द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत 2 साल अवधि के लिए कार्यरत रहता है. इस डिपार्टमेंट मे विशेष निदेशक, अतिरिक्त निदेशक, संयुक्त निदेशक, पुलिस उपमहानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक से लेकर तकनीकी एक्स्पर्ट्स, कार्यकारी स्टाफ, ईडीपी स्टाफ भी शामिल है.

CID और CBI मे अंतर क्या है

आपको सीआईडी और सीबीआई डिपार्टमेंट के बारे मे पता चल गया होगा. लेकिन इन दोनों जांच एजेंसी मे क्या क्या फर्क मौजूद है इसे भी हमे एक बार जरूर देखना चाहिए. जिससे आप इन दोनोंमे आसानी से अंतर कर पाओगे.

सीआईडी (CID)
1. सीआईडी का कार्यक्षेत्र राज्य होता है, तथा राज्य सरकार और हाई कोर्ट इस डिपार्टमेंट को किसी भी मामलों की जांच करने का आदेश दे सकते है.
सीबीआई (CBI)
सीबीआई केन्द्रीय स्तर पर मौजूद देश के किसी भी हिस्से और व्यक्ति, विभाग, संस्था की जांच कर सकता है, तथा यह डिपार्टमेंट केंद्र सरकार के अधीन रहता है जिसे केंद्र और सर्वोच्च न्यायालय किसी भी मामले की जांच का आदेश दे सकता है.

हम आशा करते है की CID और CBI क्या है? और सीआईडी और सीबीआई में अंतर क्या है? इन दोनों प्रश्नों का उत्तर आपको पसंद आया होगा. संक्षेप मे, सीबीआई और सीआईडी दोनों भी केंद्र स्तर और राज्य स्तर पर कार्य करने वाली जांच एजेंसीया है, जिनकी कार्यपद्धति सामान्य पुलिस व्यवस्था से बेहतर होती है.

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