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कास्टिंग काउच क्या होता है

बॉलीवुड में कास्टिंग काउच (Casting Couch) की बात कोई नई नहीं है। कई अभिनेताओं और अभिनेत्रियों ने खुलासा किया है कि वे अपने करियर में कभी न कभी कास्टिंग काउच का शिकार हुए हैं। अगर आप नहीं जानते हैं कि कास्टिंग काउच क्या होता है तो हम इसके सभी सवालों के जवाब देने जा रहे हैं।

कास्टिंग काउच क्या होता है - Casting couch kya hota hai

कास्टिंग काउच क्या होता है

कास्टिंग काउच (Casting Couch) एक अनैतिक और अवैध व्यवहार है जिसमें किसी से काम पाने के बदले में उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने की मांग की जाती है। सिनेमैटोग्राफी में पुराने लोग नए आए जूनियर्स से ऐसी डिमांड करते हैं। हालांकि फिल्मी दुनिया में इससे जुड़ी कहानियों की वजह से कास्टिंग काउच का कॉन्सेप्ट लोगों के सामने आया, लेकिन यह किसी भी क्षेत्र में भी मौजूद है।

कास्टिंग काउच का शाब्दिक अर्थ में जाने पर समझने में आसानी होगी। काउच का मतलब सोफा होता है। यह निर्देशक और निर्माता के कार्यालयों में सोफे की ओर इशारा करता है जहां महत्वाकांक्षी अभिनेताओं और अभिनेत्रियों के साक्षात्कार होते हैं। कास्टिंग का मतलब किसी को किसी फिल्म का हिस्सा बनाना या कास्ट करना है।

बॉलीवुड में कास्टिंग काउच

बिग बॉस फेम पायल रोहतगी ने ऐसा ही आरोप डायरेक्टर दिबाकर बनर्जी पर लगाया था। अभिनेत्री ने आरोप लगाया था कि फिल्म ‘शंघाई’ की कास्टिंग के दौरान दिबाकर ने उन्हें अपना टॉप उतारने के लिए कहा था। इतना ही नहीं एक्ट्रेस ने कहा था कि उन्होंने उनके साथ गलत काम करने की भी कोशिश की थी। एक्ट्रेस ने ये भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने ये सब करने से मना किया तो उन्हें फिल्म से बाहर का रास्ता दिखाया गया.

इजरायली मॉडल रीना गोलन ने अपनी आत्मकथा में बॉलीवुड के ‘शो मैन’ सुभाष घई पर कास्टिंग काउच जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। ये आरोप रीना की किताब के जरिए घई साहब पर लगाए गए थे। रीना ने अपनी किताब में लिखा है, जब वह फिल्मी दुनिया में काम करने भारत आईं तो सुभाष ने उन्हें कास्टिंग काउच के लिए मजबूर किया था।

मशहूर अभिनेत्री ममता कुलकर्णी को भी कास्टिंग काउच का सामना करना पड़ा था। ममता ने डायरेक्टर राजकुमार संतोषी पर आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि, ‘संतोशी ने उन्हें अपनी फिल्म ‘चाइना गेट’ में कास्ट करने के लिए शारीरिक संबंध बनाने के लिए कहा था और जब उन्होंने मना किया तो उन्हें फिल्म से निकाल दिया गया।

‘तनु वेड्स मनु’ और ‘रांझणा’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने भी इस पर बात की. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें भी कास्टिंग काउच का सामना करना पड़ा था। स्वरा ने कहा, ‘कई बार मुझसे सीधे पूछा गया, ‘आप और क्या कर सकते हो?’ मेरा जवाब था ‘मैं शारीरिक संबंध नहीं बना सकती’, तभी वह मुलाकात उस समय खत्म हो जाती थी।

पुरुषों के साथ भी होता है कास्टिंग काउच

कास्टिंग काउच सिर्फ महिलाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि काम करवाने का वादा करने वाले पुरुषों के साथ भी हो रहा है। हालाँकि, यह मुद्दा अभी भी छिपा हुआ है। इसे लेकर मशहूर एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने भी एक रियलिटी शो के दौरान माना कि कास्टिंग काउच का शिकार पुरुष भी होते हैं। इसके अलावा हैदराबाद की मॉडल कृष्णा मोनाला ने कास्टिंग काउच को लेकर बयान दिया था कि कुछ डायरेक्टर्स ने उन्हें अपने साथ सोने के लिए कहा था।

निजी क्षेत्रों में भी होता है कास्टिंग काउच

अगर निजी क्षेत्रों की बात करें तो अच्छी तनख्वाह के नाम पर महिलाओं के साथ शोषण का ग्राफ भी कम नहीं है। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी, बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग और नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग कंपनियों में लगभग 88% महिला कर्मचारियों को नौकरी के दौरान किसी न किसी रूप में यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है।

सेंटर फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया के एक सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग 50% महिलाओं से अभद्र भाषा, शारीरिक संपर्क या यौन संबंध बनाने के लिए कहा जाता है। चुनौतियों के चलते बहुत सी लड़कियां काम के बदले अपने सेक्स का सौदा कर लेती हैं, लेकिन इसके बाद भी उन्हें यह पक्का नहीं होता कि उनकी नौकरी सुरक्षित होगी या नहीं।

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