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कार्बन 14 विधि क्या है

साल 2004 में यूमेआ यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों को स्वीडन के दलारना प्रांत की फुलु पहाड़ियों में करीब दस हजार साल पुराना एक चीड़ का पेड़ मिला, जिसे वैज्ञानिकों का कहना है कि यह दुनिया का सबसे पुराना पेड़ है। कार्बन डेटिंग पद्धति से गणना के बाद वैज्ञानिकों ने इसे पृथ्वी का सबसे पुराना पेड़ बताया है। अगर आप नहीं जानते की कार्बन 14 विधि क्या है तो इस लेख को ध्यान से पूरा पढ़े।

कार्बन 14 विधि क्या है

कार्बन 14 विधि क्या है

कार्बन 14 विधि जानवरों और पौधों के अवशेषों की आयु निर्धारित करने की एक विधि है। इस कार्य में कार्बन-14 का प्रयोग किया जाता है। यह तत्व सभी जीवों में पाया जाता है। कार्बन-14 कार्बन का एक रेडियोधर्मी समस्थानिक है जिसकी अर्ध-आयु 5,730 वर्ष है।

कार्बन-14 कार्बन का एक प्रकार का रेडियोधर्मी समस्थानिक है, इसकी अर्ध-आयु 5730 वर्ष है। कार्बन डेटिंग का उपयोग रेडियोधर्मी पदार्थों की आयु सीमा निर्धारित करने के लिए किया जाता है। कार्बन 14 विधि इतिहास और वैज्ञानिक तथ्यों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का समय निर्धारित करती है। इसे एब्सोल्यूट डेटिंग भी कहा जाता है, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि वे इससे केवल अनुमानित उम्र ही बता सकते हैं।

रेडियोकार्बन डेटिंग तकनीक के आविष्कारक

रेडियोकार्बन डेटिंग तकनीक का आविष्कार 1949 में University of Chicago के Willard Libby और उनके सहयोगियों ने किया था। इस काम के लिए उन्हें 1960 में रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने पहली बार कार्बन डेटिंग के माध्यम से लकड़ी की उम्र की खोज की।

कार्बन-14 डेटिंग का इस्तेमाल कई क्षेत्रों में डेटिंग के लिए किया जाता है। किसी जानवर, पेड़, व्हिस्की के अवशेष कितने पुराने हैं, इसके लिए भी यह विधि कारगर और उपयोगी रही है। ऑक्सफोर्ड रेडियो कार्बन एक्सेलेरेटर के उप निदेशक टॉम हायहम के अनुसार, 1950 के दशक में परमाणु परीक्षणों से निकलने वाले रेडियोधर्मी पदार्थों की उपस्थिति के आधार पर व्हिस्की के समय का पता लगाया जा सकता है।

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