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सीए का मतलब क्या होता है

CA बनकर आप भारत और विदेशी विभिन्न कंपनियों जैसे फाइनेंस मैनेजर, अकाउंट मैनेजर, फाइनेंशियल बिजनेस एनालिस्ट, ऑडिटिंग, मैनेजिंग डायरेक्टर, सीईओ, फाइनेंस डायरेक्टर, फाइनेंशियल कंट्रोलर, चीफ अकाउंटेंट, फाइनेंस अकाउंट्स और टैक्स डिपार्टमेंट में चीफ इंटरनल ऑडिटर में काम कर सकते हैं। इस लेख में हम सीए का मतलब क्या होता है जानेंगे।

सीए का मतलब क्या होता है

चार्टर्ड एकाउंटेंट या सीए एक निश्चित पेशेवर लेखा संस्थान या संघ के सदस्यों द्वारा उपयोग किया जाने वाला शीर्षक है। इसे अंग्रेजी में ‘Chartered accountant’ कहा जाता है। सीए का काम वित्तीय लेखा तैयार करना, वित्तीय सलाह देना, लेखा परीक्षा खातों का विश्लेषण करना और कर संबंधी कार्य करना है। टैक्स भुगतान का हिसाब भी सीए की जिम्मेदारी है।

चार्टर्ड एकाउंटेंट भारत में सबसे लोकप्रिय करियर विकल्पों में से एक रहा है। इस पेशे में प्रवेश करना आसान नहीं है, लेकिन यदि आप ऐसा करने में कामयाब होते हैं, तो यह लोगों के बीच एक शानदार करियर, वेतन और सम्मान प्रदान करता है। चार्टर्ड एकाउंटेंट या सीए बनना सबसे कठिन पेशों में से एक है।

चार्टर्ड अकाउंटेंट यानी सीए हमारे देश में एक बहुत ही प्रतिष्ठित करियर है। Institute of Chartered Accountants of India (ICAI) राष्ट्रीय पेशेवर लेखा निकाय है, जो CA परीक्षा आयोजित करता है। संस्थान की अंतिम परीक्षा पास करने वाले छात्रों को उद्योग में योग्य चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) के रूप में अच्छी नौकरी मिलती है। सीए करने के लिए आपको तीन परीक्षाओं को पास करना होता है। सीपीटी (प्रवेश परीक्षा), आईपीसीसी (इंटरमीडिएट परीक्षा) और अंतिम सीए परीक्षा।

Common Proficiency Test (CPT) – सीए में करियर बनाने के लिए इसकी शुरुआत कॉमन प्रोफिशिएंसी टेस्ट (सीपीटी) से होती है, जिसे पास करने के बाद ही छात्र अपने लक्ष्य के पहले चरण को पार कर दूसरे चरण में पहुंच सकता है। इसमें एकाउंटिंग, मर्केंटाइल लॉ, जनरल इकोनॉमिक्स और क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड जैसे चार विषय शामिल हैं।

Integrated Professional Competition Course (IPCC) – इसमें अकाउंटिंग, बिजनेस एंड कंपनी लॉ, एथिक्स एंड कम्युनिकेशन, कॉस्ट अकाउंटिंग एंड फाइनेंशियल मैनेजमेंट, टैक्सेशन, एडवांस अकाउंटिंग, आईटी और स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट आदि विषयों को शामिल किया गया है। सीपीटी क्लियर करने के बाद, छात्र आईपीसीसी परीक्षा के लिए उपस्थित हो सकते हैं। इसके लिए छात्रों को 9 महीने की तैयारी का समय मिलता है। IPCC परीक्षा पास करने के बाद छात्रों को CA के तहत इंटर्न के रूप में काम करना होता है। अंतिम परीक्षा के लिए पात्र होने से पहले छात्र को तीन साल के लिए यह इंटर्नशिप करना होता है।

कोई भी छात्र किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कॉमर्स स्ट्रीम में 12वीं पास करने के बाद सीए में करियर बना सकता है। कई बार छात्र ग्रेजुएशन के बाद भी सीए की रेस में हिस्सा लेने के लिए डेब्यू करते हैं। लेकिन सीए कोर्स की अवधि लंबी होने के कारण सीए शुरू करने का सही समय 12वीं पास के बाद ही है। सीए की तैयारी के लिए सबसे पहले छात्रों की अकाउंटिंग में मजबूत पकड़ होनी चाहिए।

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