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बोधगया क्यों प्रसिद्ध है

बोधगया (Bodh Gaya) बिहार राज्य के गया जिले में स्थित एक शहर है, जिसका गहरा ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। बोधगया राष्ट्रीय राजमार्ग 83 पर स्थित है। इस लेख में हम बोधगया क्यों प्रसिद्ध है जानेंगे।

बोधगया क्यों प्रसिद्ध है

बोधगया क्यों प्रसिद्ध है

बिहार की राजधानी पटना के दक्षिणपूर्व में लगभग 101 किलोमीटर दूर स्थित बोधगया गया जिले से सटा एक छोटा शहर है। बोधगया में बोधिवृक्ष के नीचे तपस्या कर रहे भगवान गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति के कारण प्रसिद्ध है। तभी से यह स्थल बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। वर्ष 2002 में इस शहर को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था।

लगभग 500 ईसा पूर्व में, गौतम बुद्ध फाल्गु नदी के तट पर पहुंचे और तपस्या करने के लिए बोधि वृक्ष के नीचे बैठ गए। तीन दिन और रात की तपस्या के बाद उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई, जिसके बाद उन्हें बुद्ध के नाम से जाना जाने लगा। इसके बाद उन्होंने वहां विभिन्न स्थानों पर ध्यान करते हुए 7 सप्ताह बिताए और फिर सारनाथ गए और धर्म का प्रचार करने लगे।

बुद्ध के अनुयायी बाद में उस स्थान का दौरा करने लगे जहां बुद्ध ने वैशाख महीने में पूर्णिमा के दिन ज्ञान प्राप्त किया था। धीरे-धीरे यह स्थान बोधगया के नाम से जाना जाने लगा और इस दिन को बुद्ध पूर्णिमा के नाम से जाना जाने लगा।

बोधगया घूमने के लिए दो दिन का समय काफी है। अगर आप वहां एक रात रुकें तो एक दिन का समय भी काफी है। बोधगया, के पास एक ही शहर है – गया। यहां कुछ पवित्र मंदिर भी हैं जिन्हें अवश्य जाना चाहिए। इन दोनों को देखने के लिए कम से कम एक दिन तो देना ही चाहिए। ‘नालंदा’ और ‘राजगीर’ के दर्शन के लिए एक दिन और रखना चाहिए।

बोधगया जाने का सबसे अच्छा समय ‘बुद्ध जयंती’ है जिसे ‘राजकुमार सिद्धार्थ’ के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस समय यहां के होटलों में कमरा मिलना बहुत मुश्किल है। इस दौरान हजारों मोमबत्तियों के सहारे महाबोधि मंदिर को सजाया जाता है। इस दृश्य को देखना अपने आप में एक अनूठा अनुभव है। इस दृश्य की यादें हमेशा आपके जेहन में अंकित रहती हैं।

मगध विश्वविद्यालय का परिसर बोधगया में ही है। इसके पास एक सैन्य छावनी है और लगभग सात किलोमीटर दूर एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है जहाँ से थाईलैंड, श्रीलंका, बर्मा आदि के लिए नियमित साप्ताहिक उड़ानें उपलब्ध हैं।

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