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बाइसेक्सुअल क्या होता है

आप आमतौर पर इस बारे में जान सकते हैं कि कम उम्र में कौन किसकी ओर आकर्षित होता है। यहां आकर्षित होने का मतलब यह नहीं है कि आपकी यौन इच्छाएं हैं, बल्कि इसका मतलब है कि आप यह पहचानने में सक्षम हैं कि कौन से लिंग के लोग आपकी ओर आकर्षित हैं। कई लोग कहते हैं कि वे किशोरावस्था से पहले जानते थे कि वे गे, लेस्बियन या बाइसेक्सुअल (Gay, Lesbian or Bisexual) हैं। अगर आप बाइसेक्सुअल क्या होता है नहीं जानते तो हम इस आर्टिकल में इसके बारे में विस्तार से जानकारी देने जा रहे है।

बाइसेक्सुअल क्या होता है - Bisexual Kya Hota Hai

बाइसेक्सुअल क्या होता है

बाइसेक्सुअल (Bisexual) वह व्यक्ति है जो पुरुषों और महिलाओं दोनों के प्रति शारीरिक, यौन और भावनात्मक आकर्षण महसूस करता है। बाइसेक्सुअल होना व्यक्ति की इच्छाओं और व्यवहार की एक सामान्य स्थिति है। यह कोई रोग या संक्रामक बीमारी नहीं है।

आज भी यह पता नहीं चल पाया है कि कोई व्यक्ति बाइसेक्सुअल क्यों हो जाता है। लेकिन शोध ने सुझाव दिया है कि विपरीत, समान या दोनों लिंगों के लोगों के लिए किसी व्यक्ति का मानसिक और शारीरिक आकर्षण जन्म से पहले के जैविक कारकों पर निर्भर करता है।

एक व्यक्ति के समलैंगिक (गे या लेस्बियन) और बाइसेक्सुअल होने के सटीक कारण अभी भी अज्ञात हैं, लेकिन कुछ शोध बताते हैं कि सेक्सुअल ओरिएंटेशन कुछ जन्मपूर्व जैविक कारकों के आंशिक रूप से निर्धारित होती है। यहां सेक्शुअल ओरिएंटेशन का मतलब है की, उस लिंग का व्यक्ति जिसके साथ आप संबंध बनाने के लिए आकर्षित होते हैं। कोई भी चिकित्सा, उपचार या अन्य साधन किसी व्यक्ति के सेक्सुअल ओरिएंटेशन को नहीं बदल सकते हैं। साथ ही आप किसी भी व्यक्ति को बाइसेक्सुअल नहीं बना सकते।

कैसे पता करें कि कोई उभयलिंगी हैं या नहीं

यदि आप जानना चाहते हैं कि कोई व्यक्ति समलैंगिक है या बाइसेक्सुअल है तो केवल एक ही तरीका है, आप उनसे पूछें। केवल वे ही आपको बता सकते हैं कि उनका सेक्शुअल ओरिएंटेशन क्या है। अगर वे आपको बताना नहीं चाहते हैं, तो उन्हें मजबूर न करें। और अगर वे बताते हैं, चाहे उनका यौन रुझान कुछ भी हो, आप उनका समर्थन करे। बाइसेक्सुअल होना एक स्वाभाविक बात है और इसका मतलब यह नहीं होना चाहिए कि आप में कोई दोष है। कुछ लोगों को अपने सेक्शुअल ओरिएंटेशन की उचित समझ प्राप्त करने में कई साल लग जाते हैं।

कभी-कभी कुछ लोग अपने व्यवहार और पोशाक के आधार पर गे, लेस्बियन और बाइसेक्सुअल की पहचान करने का अनुमान लगाते हैं। लेकिन किसी भी व्यक्ति के पहनावे के आधार पर उसके सेक्सुअल ओरिएंटेशन का अंदाजा लगाना गलत है। समलैंगिकों और बाइसेक्सुअल के भी एक सामान्य व्यक्ति की तरह व्यवहार करने और कपड़े पहनने के अलग-अलग तरीके होते हैं। इस कारण उन्हें समाज में अलग तरह से देखना और उन्हें मानसिक पीड़ा देना बहुत गलत है।

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