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भूत क्या खाते हैं | एक थ्योरी जिसमें भूत खाते है खाना

हम सभी जानते हैं, भूत वे आत्माएं हैं जिन्होंने अपना शरीर खो दिया है और जो इस पृथ्वी संसार में भटक रहे हैं। ये दुर्भाग्यशाली आत्माएं हैं, जिनके लिए न तो मुक्ति का द्वार खुला है और न ही उन्हें कोई नया जन्म मिला है। उन्हें नहीं पता कि कहां जाना है, क्या करना है। भूतों की कुछ ऐसी इच्छाएं होती हैं, जो शरीर के नष्ट होने के बाद भी बनी रहती हैं, जैसे- खाना। इस लेख में हम भूत क्या खाते हैं जानेंगे।

भूत क्या खाते हैं

भूत क्या खाते हैं

भूत ऊर्जा से बने अलौकिक तत्व हैं जिनका शरीर नहीं होता इसलिए भूत खाना नहीं खाते। लेकिन इसके खिलाफ एक थ्योरी भी है जिसमें भूत खाना खाते हैं। जब भी कोई भूत या आत्मा किसी जीवित व्यक्ति में प्रवेश करता है तो वह भोजन कर सकता है।

अक्सर जब हम खाना खाते हैं, किसी भी तरह का खाना खाते हैं तो हमें लगता है कि हम अकेले हैं लेकिन ऐसा नहीं है। ऐसा भी हो सकता है कि कोई आत्मा हमारे साथ बैठी हो। कहीं हम रेस्टोरेंट में खाना खा रहे हैं, कहीं बाहर सड़क पर खाना खा रहे हैं और हम खाने जा रहे हैं। हम जहां भी हैं, वहां कोई भी आत्मा बैठ सकती है।

मानव आँख सब कुछ देखने में सक्षम नहीं है। वास्तव में, हमारी आंखें प्रकाश का केवल कुछ हिस्सा ही देख सकती हैं। इसलिए हम कई प्रकार की ऊर्जा नहीं देख सकते हैं। हो सकता है कि हर समय, हर जगह किसी न किसी तरह की आत्मा, किसी तरह की आत्मा घूम रही हो, बैठी हो, घूम रही हो और खा रहे हो। उस समय उसकी भी खाने की इच्छा हो सकती है और वह आपके साथ मिल कर उस भोजन का आनंद ले सकती है।

अक्सर ऐसा होता है कि जब आप भूखे नहीं होते हैं तब भी आप ज्यादा खा रहे होते हैं। आप दो रोटियां खाते हैं लेकिन अचानक से आपने तीन रोटियां, चार रोटियां खाना शुरू कर दिया। आपको लगता है कि आपके पेट में जगह नहीं है, लेकिन फिर भी आपका खुद पर कोई नियंत्रण नहीं है, और आप एक के बाद एक रोटियां खा रहे हैं।

यह एक ऐसी स्थिति है जो बताती है कि जो भूख दो रोटियों के ऊपर है वह आपकी नहीं बल्कि किसी और की है और वह आपके शरीर का इस्तेमाल अपनी भूख मिटाने के लिए कर रहा है। वह तुम पर अधिकार कर लेता है, कि वह रोटी खाए, और वह भोजन खाए।

अक्सर ऐसा होता है कि हम ज्यादा से ज्यादा खाना खाते हैं। हालांकि हमारा मन नहीं लगा और बाद में हमारी तबीयत भी खराब हो जाती है। हम कहते हैं यार तुमने क्यों खाया, पता नहीं क्यों खाया? मन नहीं किया, फिर भी खा लिया! क्योंकि वो दिमाग किसी और का था।

अक्सर बहुत सारे इंसान होते हैं, कई लोग ऐसे होते हैं जिनके शरीर में कोई आत्मा प्रवेश कर भोजन कर रही होती है और उन्हें यह बात पता नहीं होती है क्योंकि वह भूत या वह आत्मा उस चीज को उजागर नहीं होने देती है। उनका लक्ष्य केवल वही खाना है जो मनुष्य खा रहा है।

अगर आप ऐसी जगह खाना खा रहे हैं जहां आपको सच में लगता है कि वो जगह सुनसान है तो सबसे पहले अपने भगवान को याद करें और खाने की थाली में से अपने खाने का एक छोटा सा टुकड़ा निकाल लें। इससे भूतों की भोजन की लालसा पूरी होगी।

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