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भारत और दुनिया में पहली बार ATM Machine कब आया

इस लेख में हम, भारत और दुनिया में पहली बार ATM Machine कब आया यह जानेंगे। ऑटोमेटेड टेलर मशीन यानी एटीएम (ATM) के आने से लोग लाइन में खड़े होकर पैसे निकालने के लिए बैंकों के पास नहीं जाते हैं। शहरों और कस्बों में हजारों एटीएम मशीनों की कतार देखी जा सकती है। बड़े शहरों में कई एटीएम लाइन से पैसे देने के लिए तैयार खड़े रहते हैं। इतने साल हो गए हैं कि हम इन मशीनों से पैसे निकालते रहे हैं कि शायद हमें यह भी याद न रहे कि हमें पहली बार एटीएम की सुविधा कब मिली। हममें से ज्यादातर लोगों को भी यह नहीं पता होता है कि इसका फुल फॉर्म क्या होता है?

भारत और दुनिया में पहली बार ATM Machine कब आया

दुनिया में पहली बार ATM Machine कब आया

CFI के अनुसार, 27 जून 1967 वह तारीख थी जब लंदन के एनफील्ड में दुनिया की पहली एटीएम मशीन लगाई गई थी। पहला बैंक बार्कलेज था, जिसने इस मशीन को अपनी शाखा में स्थापित किया। इसे जॉन शेफर्ड बैरोन और उनकी टीम ने मिलकर बनाया था। इससे पहले भी एक प्रिंटिंग मशीन में काम करने वाले जॉन शेफर्ड ने पहली बार ऑटोमेटेड कैश सिस्टम मशीन तैयार की थी। दिलचस्प बात यह है कि एटीएम के आविष्कारक जॉन शेफर्ड भारत से जुड़े हैं। उनका जन्म 1925 में मेघालय के शिलांग में हुआ था। उस दौरान जॉन शेफर्ड ने मीडिया को बताया कि उन्हें चॉकलेट वेंडिंग मशीन से एटीएम बनाने की प्रेरणा मिली, जिसमें मशीन से पैसे डालकर चॉकलेट को निकाला जा सकता है।

भारत में ATM Machine कब आया

भारत में ATM Machine 1987 के करीब आया। भारतीयों ने इस मशीन का इस्तेमाल 80 के दशक में ही शुरू किया था। उस समय HSBC (हांगकांग और शंघाई बैंकिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड) की मुंबई शाखा में पहली बार एटीएम की शुरुआत हुई थी। हालांकि, आम लोगों तक पहुंचने में इसे लगभग 20 साल और लग गए। इसके बाद हम सभी जानते हैं कि नोटबंदी के समय हर भारतीय को एटीएम की कितनी जरूरत थी। उस समय HSBC (हांगकांग और शंघाई बैंकिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड) की मुंबई शाखा में पहली बार एटीएम की शुरुआत हुई थी। हालांकि, आम लोगों तक पहुंचने में इसे लगभग 20 साल और लग गए।

भारत और दुनिया में पहली बार ATM Machine कब आया

कुछ का कहना है कि एटीएम को एनी टाइम मशीन कहा जाता है, जबकि कुछ का कहना है कि इसे ऑटोमेटिक टाइम मशीन कहा जाता है। यानी उनकी सोच के मुताबिक जो भी नाम बनता था, एटीएम का नाम उसी ट्रेंड में आता रहता था। लेकिन अगर सभी अनुमानों को एक तरफ रख दिया जाए और असली नाम की चर्चा की जाए तो एटीएम का असली नाम ऑटोमेटेड टेलर मशीन है।

तो आप अब जान गए है की भारत और दुनिया में पहली बार ATM Machine कब आया, हम भारतीयों ने इस मशीन का इस्तेमाल 80 के दशक में ही शुरू किया था। इसके बाद हम सभी जानते हैं कि नोटबंदी के समय हर भारतीय को एटीएम की कितनी जरूरत थी। हम आशा करते है की आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। ऐसे ही मजेदार जानकारी के लिए जरा हटके के बाकी पोस्ट पढ़े।

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