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भारत का शेक्सपियर किसे कहा जाता है

विलियम शेक्सपियर (William Shakespeare) एक अंग्रेजी कवि, काव्य विद्वान, नाटककार और अभिनेता थे। उनके नाटकों का लगभग सभी प्रमुख भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। शेक्सपियर के पास बहुत उच्च कोटि की रचनात्मक प्रतिभा थी और साथ ही उन्हें कला के नियमों का सहज ज्ञान था। मानो उसे प्रकृति से वरदान मिल गया हो, इसलिए उसने जो कुछ भी छुआ वह सोने में बदल गया। इस लेख में हम भारत का शेक्सपियर किसे कहा जाता है जानेंगे।

भारत का शेक्सपियर किसे कहा जाता है

भारत का शेक्सपियर किसे कहा जाता है

कालिदास को भारत का शेक्सपियरन कवि कहा जाता है। कालिदास तीसरी-चौथी शताब्दी में संस्कृत भाषा के महान कवि और गुप्त साम्राज्य के नाटककार थे। उन्होंने भारत की पौराणिक कथाओं और दर्शन पर आधारित रचनाओं की रचना की। उनके कार्यों में भारतीय जीवन और दर्शन के विभिन्न रूपों और बुनियादी तत्वों का प्रतिनिधित्व किया जाता है। इन्हीं विशेषताओं के कारण कालिदास को राष्ट्र की समग्र राष्ट्रीय चेतना को स्वर देने वाला कवि माना जाता है। हालांकि कुछ विद्वान उन्हें राष्ट्रीय कवि का दर्जा भी देते हैं।

कालिदास की सबसे प्रसिद्ध रचना ‘अभिज्ञानशाकुंतलम्’ है। यह नाटक उन कुछ भारतीय साहित्यिक कृतियों में से एक है जिनका पहली बार यूरोपीय भाषाओं में अनुवाद किया गया था। इसे विश्व साहित्य में एक अग्रणी कार्य माना जाता है। ‘मेघदूतम्’ कालिदास की सर्वश्रेष्ठ रचना मानी जाती है। कालिदास ‘वैदर्भी रीति’ के कवि हैं और इसी के अनुसार वे अपनी अलंकृत किन्तु सरल और मधुर भाषा के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं।

प्रकृति का उनका वर्णन अद्वितीय है और विशेष रूप से उनकी उपमाओं के लिए जाना जाता है। कालिदास को साहित्य में गुण-गुण से विशेष प्रेम है और उन्होंने अपने श्रृंगार रस-प्रधान साहित्य में आदर्शवादी परंपरा और नैतिक मूल्यों का समुचित ध्यान रखा है। कालिदास के बाद के कवि बाणभट्ट ने विशेष रूप से उनके भजनों की प्रशंसा की है।

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