Menu Close

भारत का सबसे बड़ा मंदिर कौन सा है? जानिये पूरी जानकारी

हमारे भारत में काफी भव्य और दिव्य ऐसे विशाल मंदिर मौजूद है, जो सैकड़ों सालों से बने हुए है. ऐसे में ज्यादातर मंदिरों का निर्माण भारत में ही हुआ है; यह सही बात है. हालांकि, भारत के बाहर भी भारी संख्या में हिन्दू मंदिरों को निर्माण हुआ है. इस लेख में हम, भारत का सबसे बड़ा मंदिर कौन सा है इसकी जानकारी लेंगे.

भारत का सबसे बड़ा मंदिर कौन सा है

भारत का सबसे बड़ा मंदिर कौन सा है

भारत का सबसे बड़ा मंदिर तमिलनाडु का श्री रंगनाथस्वामी मंदिर है. यह काफी प्राचीन है तथा भारत के सबसे बड़े मंदिर परिसरों में से एक है. श्रीरंगम का यह मन्दिर श्री रंगनाथ स्वामी मतलब भगवान श्री विष्णु को समर्पित है. इस मंदिर की शैली द्रविड़ वास्तुकला से बनायी गई है. दक्षिण भारत के ज्यादातर मंदिरों का निर्माण इस द्रविड़ वास्तुकला शैली से हुआ है.

भारत का सबसे बड़ा श्री रंगनाथस्वामी मंदिर 165 एकड़ मे फैला है, जिसकी परिधि 4 किमी है. दुनिया मे अंकोरवाट मंदिर के बाद श्री रंगनाथस्वामी मंदिर दूसरे नंबर आता है. अंकोरवाट मंदिर कंबोडिया मे स्थित एक हिन्दू मंदिर है, जो 402 एकड़ मे फैला हुआ है. श्रीरंगम मंदिर परिसर में 7 संकेंद्रित दीवारी अनुभाग और 21 गोपुरम है. गोपुरम मंदिर पर लगे शिल्प वास्तुकला होते है; जो ज्यादातर दक्षिण भारत के मंदिरों पर दिखते है. गोपुरम मंदिरों को सुशोभित और सुंदर बनाते है. यह मंदिर का गोपुरम 236 फीट (72 मीटर) है जो एशिया में सबसे लम्बा है. इस मंदिर के बारे मे माना जाता है की इसके गोपुरम के ऊपर से श्रीलंका का तट दिखायी पड़ता है, वास्तव मे यह एक मिथक कथा है.

इस मंदिर का इतिहास काफी दिलचस्प है जो आपको जरूर जानना चाहिए. वैदिक काल मे गोदावरी नदी के तट पर गौतम ऋषि का आश्रम था. उस समय मे पाणी के कमी के चलते कुछ ऋषि मुनि उनके आश्रम मे पोहोच गए. उनका स्वागत बड़े आदर से गौतम ऋषि ने किया. आश्रम की जमीन और वहा की व्यवस्था को देखते हुए उन्हे उस जमीन के प्रति लालच उत्पन्न हुआ और उन्होंने गौतम ऋषि पर गो हत्या का आरोप लगाकर उनकी जमीन हथिया ली.

इसके बाद गौतम ऋषि श्रीरंगम गए और उन्होंने श्री रंगनाथ श्री विष्णु की आराधना करना शुरू कर दिया. जब श्री रंगनाथ श्री विष्णु उनको प्रसन्न हो गए तब उन्होंने उनको वह पूरा क्षेत्र उनके नाम कर दिया. इसके साथ गौतम ऋषि ने ब्रम्हाजी को भी आग्रह किया की वह इस मंदिर का निर्माण करें. फिर विश्व के सबसे बड़े इस श्री रंगनाथ स्वामी का निर्माण ब्रम्हाजी द्वारा किया गया.

भगवान श्री राम के वनवास काल मे, श्रीराम द्वारा इस मंदिर मे पूजा की जाती थी. जब रावण को हराकर श्रीराम आए तब मंदिर और देवतावों को विभीषण को सौंप दिया गया. उसके बाद माना जाता है की खुद  भगवान श्री विष्णु विभिषण के सामने उपस्थित हुए और इसी स्थान पर रहने की इच्छा को जाहीर किया. तब से माना जाता है की भगवान् विष्णु श्री रंगनाथस्वामी के रूप में वहा वास करते हैं.

इस लेख में हमने, भारत का सबसे बड़ा मंदिर कौन सा है इसे जाना. बाकी ज्ञानवर्धक जानकारी के लिए नीचे दिए गए लेख पढे।

Related Posts