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बड़े घर की बेटी किसकी रचना है

क्या आपको बड़े घर की बेटी किसकी रचना है पता है? अगर नहीं तो हमने संक्षिप्त कहानी के साथ इस सवाल का जवाब भी देने जा रहे है।

बड़े घर की बेटी किसकी रचना है

बड़े घर की बेटी किसकी रचना है

बड़े घर की बेटी प्रसिद्ध हिंदी कहानीकार मुंशी प्रेमचंद की रचना है। प्रेमचंद जी ने इस कहानी में कलह, संयुक्त परिवारों में समस्याओं और छोटी-छोटी बातों को बवाल में बदलने को बहुत ही सुन्दर ढंग से चित्रित किया है।

बड़े घर की बेटी कहानी में मुंशी प्रेमचंद ने बड़े परिवारों के मनोविज्ञान को खूबसूरती से चित्रित किया है। बेनीमाधव गौरीपुर गांव के जमींदार हैं। उनके दो बेटे हैं, श्रीकांत और लालबिहारी। उनके सबसे बड़े बेटे की पत्नी आनंदी है, जिसका बेनीमाधव के छोटे बेटे यानी आनंदी के साले लालबिहारी से कुछ विवाद है। गुस्से में लालबिहारी आनंदी पर अपने खटाऊ से वार करता है और फिर क्या बात है परिवार में क्लेश और झगड़े का रूप ले लेता है।

प्रेमचंद ने बड़े घर की बेटी इस कहानी में एक आदर्श स्थापित किया है कि कैसे आनंदी अपने गुस्से को भूल जाती है और परिवार में आपसी सद्भाव और सहिष्णुता से टूटे हुए परिवार को बचाती है। तो आप मुंशी प्रेमचंद की कहानी बड़े घर की बेटी जरूर पढ़े।

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