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हींग कैसे बनती है व हिंग के फायदे क्या है

Asafoetida Benefits in Hindi: हींग का इस्तेमाल हम सभी ज्यादातर खाने में करते हैं। हिंग बाजार में पाउडर के रूप में उपलब्ध होता है, इसलिए ज्यादातर लोग यह गलत समझते हैं कि, इसे किसी कारखाने में रसायनों की मदद से तैयार किया गया होगा, लेकिन ये सभी गलत चीजें हैं। हिंग केवल भोजन का विषय नहीं है, बल्कि आयुर्वेद में भी इसके असामान्य महत्व को बताया गया है। यह पूरी तरह से प्राकृतिक है। इस लेख में हम, हींग कैसे बनती है तथा हिंग के फायदे क्या है जानेंगे।

हींग कैसे बनती है

हींग कैसे बनती है

हिंग को इसके बारहमासी शाकाहारी पौधे से बनाया जाता है। यह वास्तव में पूरी प्रक्रिया स्वाभाविक है, लेकिन आज के समय में हींग के अधिक उपयोग को देखते हुए, इन हिंग पौधों से हींग को बहुतायत में तैयार करने के लिए कारखाने में हिंग बनाया जाता है। यह पौधा भारत में पंजाब और कश्मीर के कुछ हिस्सों में उगाया जाता है। इस 1.5 मीटर ऊँचे पौधे के विभिन्न वर्गों की भूमिगत प्रकंदों और ऊपरी जड़ों से निकलने वाले सूखे वनस्पति दूध को हींग के रूप में उपयोग किया जाता है।

सरल भाषा में इस पौधे से निकाले गए दूध से हींग बनाई जाती है। हिंग का प्रयोग पौराणिक ग्रंथों में भी लिखा गया है। इसका संस्कृत में ‘हिंगु’ नाम से उल्लेख है। कच्ची हींग का स्वाद लहसुन की तरह ही होता है, लेकिन जब इसे व्यंजन में पकाया जाता है तो इसका स्वाद और बढ़ जाता है।

हिंग के फायदे

हिंग के फायदे
  1. बवासीर की समस्या में हींग का प्रयोग लाभदायक होता है। लेकिन बवासीर होने पर हींग का लेप लगाने से बवासीर में आराम मिलता है।
  2. कब्ज की शिकायत हो तो हींग के चूर्ण में थोड़ा सा मीठा सोडा मिलाकर रात को सोने से पहले सेवन करें। हालांकि इससे पेट साफ होगा और कब्ज की शिकायत भी खत्म हो जाएगी।
  3. दांतों की समस्या के लिए हींग बहुत फायदेमंद होती है। दांतों में कीड़ा हो तो रात को सोते समय हींग को दांतों में दबाएं। ऐसा करने से कीड़े अपने आप निकल जाएंगे।
  4. यदि शरीर के किसी अंग में कभी भी कांटा चुभ गया हो तो उस स्थान पर हींग का घोल भर दें। हालांकि इससे दर्द भी खत्म हो जाएगा और कांटा अपने आप निकल जाएगा।
  5. पेट दर्द और ऐंठन में हींग को अजवाइन और नमक के साथ खाने से लाभ होता है।
  6. पीलिया होने पर गूलर के सूखे मेवों के साथ हींग का सेवन करना चाहिए। हींग को पानी में घिसकर आंखों पर लगाने से पीलिया में लाभ होता है।
  7. यदि खुले घाव पर कीड़े पड़ गए हों तो हींग का चूर्ण उस स्थान पर लगाने से कीड़े मर जाते हैं।
  8. हींग और अदरक का एक टुकड़ा घी में भूनकर खाने से पहले खाने से भूख बढ़ती है।
  9. दाद, खाज, खुजली जैसे चर्म रोगों में हींग बहुत फायदेमंद होती है। हालांकि चर्म रोग होने पर हींग को पानी में घिसकर उन जगहों पर लगाने से लाभ होता है।
  10. पेट में कीड़े होने पर हींग को पानी में घोलकर एनीमा लेने से पेट के कीड़े जल्दी निकल जाते हैं।
  11. कान में कभी भी दर्द हो तो हींग को तिल के तेल में पकाकर उस तेल की बूंदे कान में डालने से कान का दर्द दूर हो जाता है।
  12. उल्टी होने पर हींग को पानी में पीसकर पेट पर लगाने से लाभ होता है।
  13. सिरदर्द होने पर हींग को गर्म करके उसका लेप लगाने से लाभ होता है।
  14. ध्यान रहे हींग में गर्म होने की प्रवृत्ति होती है, इसलिए इसका अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए।

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