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अनिषेक जनन क्या है

मधुमक्खी, ततैया, चींटियों जैसे जानवरों में कोई सेक्स क्रोमोसोम नहीं होता है। ये जीव पार्थेनोजेनेसिस द्वारा प्रजनन करते हैं। कुछ पौधे, सरीसृप और मछली भी इस तरह से प्रजनन करने में सक्षम हैं। कुछ जीव जैसे क्रेफ़िश, सांप, कोमोडो ड्रेगन और शार्क यौन और साथ ही ‘Parthenogenesis‘ द्वारा प्रजनन कर सकते हैं। इसे ऐच्छिक पार्थेनोजेनेसिस के रूप में जाना जाता है। इस लेख में हम अनिषेक जनन क्या है या अनिषेक जनन किसे कहते हैं जानेंगे।

अनिषेक जनन क्या है

अनिषेक जनन क्या है

अनिषेक जनन (Parthenogenesis) जीव विज्ञान में एक शब्द है। यह प्रजनन का एक अलैंगिक रूप है। मादा नर द्वारा निषेचन के बिना अंडे देती है। भ्रूण की वृद्धि और विकास मां से विरासत में मिले सभी जीनों के साथ होता है। यह पौधों और जानवरों दोनों में होता है और यौन प्रजनन की तुलना में बहुत कम आम है।

अनिषेक जनन बिना निषेचन के मादा युग्मक से सीधे नए पौधों के विकास को संदर्भित करता है। वास्तव में, शब्द “Parthenogenesis” क्रमशः दो ग्रीक शब्दों, पार्थेनो और उत्पत्ति के संयोजन से बना है। हिंदी में इसका शाब्दिक अर्थ है – बिना लैंगिक प्रजनन के मादा युग्मक से एक नए जीवन का उदय।

पार्थेनोजेनेसिस शब्द का प्रयोग सबसे पहले ओवेन (1849) ने किया था। उनके अनुसार, “यदि भ्रूण विकसित होता है, भले ही मादा युग्मक नर युग्मक के साथ संयोजित न हो, तो इस प्रक्रिया को पार्थेनोजेनेसिस कहा जाता है। यह एक विशेष प्रकार की अपोगैमी है जिसमें मेगास्पोरोजेनी कोशिका पहले अर्धसूत्रीविभाजन द्वारा अंडे का निर्माण करती है और फिर बिना युग्मक संलयन या निषेचन के अंडे की कोशिका से भ्रूण का निर्माण होता है।

अनिषेक जनन के प्रकार (Types of Parthenogenesis)

प्रजनन के आधार पर वर्गीकरण

प्रजनन की विधि के आधार पर पार्थेनोजेनेसिस की प्रक्रिया को निम्नलिखित वर्गों में विभाजित किया जा सकता है।

(1) आकस्मिक अनिषेकजनन (Accidental Parthenogenesis) – कभी-कभी उर्वरित अंडा कोशिका अचानक भ्रूण में विकसित हो जाती है।

(2) सामान्य अनिषेकजनन (Normal Parthenogenesis) – जब पार्थेनोजेनेसिस, एक पौधे में प्रजनन की एक बहुआयामी प्रक्रिया होती है, तो इसे सामान्य पार्थेनोजेनेसिस कहा जाता है। यह निम्न प्रकार के भी हो सकते हैं-

  1. अविकल्पी अनिषेकजनन: यहां पार्थेनोजेनेसिस की प्रक्रिया केवल अंडे की कोशिका से हो सकती है।
  2. वैकल्पिक अनिषेकजनन: यहां भ्रूण निषेचित और असंक्रमित दोनों अंडे की कोशिकाओं से विकसित होता है।

कोशिकीय लक्षणों पर आधारित वर्गीकरण

(1) जनन अथवा अगुणित अनिषेकजनन – जब भ्रूण एक अंडे की कोशिका से विकसित होता है जिसमें अर्धसूत्रीविभाजन होता है, इसे अगुणित पार्थेनोजेनेसिस कहा जाता है। इस प्रकार विकसित पौधे अगुणित होते हैं।

(2) कायिक अनिषेकजनन – पार्थेनोजेनेसिस की इस प्रक्रिया द्वारा विकसित पौधे द्विगुणित होते हैं। इसे निम्नलिखित दो उपश्रेणियों में विभाजित किया गया है –

  1. ऑटोजेनस या मेयोटिक पार्थेनोजेनेसिस – जहां गुणसूत्रों की कमी सामान्य रूप से होती है और द्विगुणित अवस्था दो अगुणित नाभिकों के संलयन द्वारा पुनः प्राप्त होती है।
  2. अपोमीटिक पार्थेनोजेनेसिस – इसमें गुणसूत्रों का युग्मन और कमी अंडाणु में नहीं होता है, बल्कि यह पार्थेनोजेनेसिस द्वारा द्विगुणित पौधे में विकसित होता है।

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