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एनालॉग साउंड क्या है?

जब सीडी को पहली बार 1980 के दशक की शुरुआत में पेश किया गया था, तो उनके जीवन का एकमात्र उद्देश्य संगीत को डिजिटल रूप में रखना था। थॉमस एडिसन को 1877 में ध्वनियों को रिकॉर्ड करने और वापस चलाने के लिए पहला उपकरण बनाने का श्रेय दिया जाता है। उनके दृष्टिकोण ने यांत्रिक रूप से एक Analog Sound तरंगों को संग्रहीत करने के लिए एक बहुत ही सरल तंत्र का उपयोग किया। इस लेख में हम, एनालॉग साउंड क्या है, डिजिटल साउन्ड क्या है और इन दोनों में अंतर क्या है जानेंगे।

एनालॉग साउंड क्या है?

एनालॉग साउंड क्या है

साउन्ड के प्राकृतिक रूप को एनालॉग साउंड कहा जाता है। जो साउन्ड डिजिटल रूप में वही Analog Sound है। उदाहरण के लिए आपकी प्रत्यक्ष किसी से बातचीत एनालॉग साउंड है। इस रूप में आप प्रत्यक्ष किसी ध्वनि को सुनते है। यदि आप प्रत्यक्ष रूप से किसी बिल्ली की ‘म्याव-म्याव’ या किसी पपी की ‘भौ-भौ’ सुनते है तो वह एनालॉग साउन्ड है। इस प्रकार में साउन्ड वास्तविक लयबद्धता में कायम रहता है।

डिजिटल साउन्ड क्या है

डिजिटल रूप में कैद साउन्ड को डिजिटल साउन्ड कहा जाता है। यह आज के Digital Device में देखने को मिलता है। डिजिटल यानि डिजिट के फॉर्म में। Digital Sound को डिवाइस डिजिट के फॉर्म में सेव रखती है। यह प्रकार आज आम बन चुका है। उदाहरण के लिए, आप जो भी आपके Smartphone से लेकर TV, Computer, Multiplex तक जो साउन्ड सुनते है वह डिजिटल साउन्ड होता है। आज हाई क्वालिटी डिजिटल साउन्ड उपलब्ध है जिससे आप सबसे बेहतरीन क्वालिटी में आवाज या संगीत सुन सकते हैं।

एनालॉग और डिजिटल साउन्ड में अंतर

डिजिटल साउन्ड आपको किसी भी डिजिटल डिवाइस जैसे – स्मार्टफोन, टीवी, कंप्युटर, रेडियो में सुनने को मिलता है। वही आज एनालॉग साउन्ड को आप प्रत्यक्ष सुनते है। Digital Sound कम स्टोरेज में डिजिटल डिवाइस में सेव रखना आज सामान्य बात बैन चुकी है। वही, अनलॉग साउन्ड का इस्तेमाल आज डिजिटल डिवाइस में नहीं होता है।

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