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अभिजीत मुहूर्त क्या होता है

मान्यताओं के अनुसार हर दिन का कोई न कोई समय बहुत ही शुभ माना जाता है। इस समय कोई भी कार्य करने से विजय प्राप्त होती है। ज्योतिषी बताते हैं कि किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए मुहूर्त की गणना करते समय दिन, तिथि, नक्षत्र, योग और दिनमान आदि को महत्व दिया जाता है। ‘Abhijit Muhurta‘ हर दिन में एक ऐसे समय पर आता है जिसमें लगभग सभी शुभ कार्य किए जा सकते हैं। इस लेख में हम अभिजीत मुहूर्त क्या होता है जानेंगे।

अभिजीत मुहूर्त क्या होता है

अभिजीत मुहूर्त क्या होता है

आमतौर पर साल के 365 दिनों में 11.45 से 12.45 तक का समय अभिजीत मुहूर्त कहा जा सकता है। प्रत्येक दिन के मध्य भाग (अनुमानित 12 बजे) को अभिजीत मुहूर्त कहते हैं, जो 2 घड़ियां यानि मध्य से 48 मिनट पहले और बाद में होता है। स्थानीय सूर्योदय के समय में दिन का आधा समय जोड़ने पर माध्य समय स्पष्ट हो जाता है। इसमें 24 मिनट घटाकर 24 मिनट जोड़ने से अभिजीत का प्रारंभ समय और समाप्ति समय निकट आ जाता है।

शास्त्रों के अनुसार सूर्योदय से सूर्यास्त तक एक दिन में 30 विभिन्न प्रकार के मुहूर्त होते हैं। इनमें से अभिजीत मुहूर्त को सबसे शुभ और फलदायी माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि अभिजीत का अर्थ है विजेता और मुहूर्त का अर्थ है समय। अर्थात अभिजीत मुहूर्त में किया गया प्रत्येक कार्य शुभ फल ही देता है।

यही कारण है कि सनातन धर्म में अभिजीत मुहूर्त में सभी प्रकार के धार्मिक कर्मकांडों और कार्यों आदि को करने का समय दिया जाता है, क्योंकि इसके परिणाम हमेशा सकारात्मक होते हैं।

यात्रा करना, नया काम शुरू करना, व्यवसाय शुरू करना आदि धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-अर्चना तक इस मुहूर्त में सबसे अच्छा माना जाता है। कुछ लोगों का मानना है कि मांगलिक कार्य और ग्रह प्रवेश जैसे प्रमुख कार्यों के लिए अन्य योगों के साथ अभिजीत मुहूर्त का भी ध्यान रखना आवश्यक है।

ज्योतिष विद्वानों का कहना है कि इस मुहूर्त के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि बुधवार के दिन अभिजीत मुहूर्त में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।

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